दुखद खबर : नहीं रहे हिंदी साहित्य के पुरोधा नामवर सिंह, हिंदी प्रेमियों को सदमा

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सेंट्रल डेस्क : हिंदी साहित्य के पुरोधा, नायाब आलोचक, हिंदी में दूसरी परंपरा के अन्वेषी डॉक्टर नामवर सिंह का बीती रात निधन हो गया ।डॉक्टर सिंह के निधन की खबर फैलते ही हिंदी साहित्य जगत शोक में डूब गया ।

डॉक्टर सिंह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे तथा एम्स में भर्ती थे जहां इलाज चल रहा था । मंगलवार की रात करीब 11बजकर 50 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली । उनकी अंत्येष्टि आज लोधी शवदाहगृह में होगी ।डॉक्टर सिंह की आयु करीब 93 वर्ष थी । उनका जीवन उपलब्धियों से भरा है ।

नामवर सिंह का जन्म 28 जुलाई 1926 को बनारस में हुआ था हिन्दी के शीर्षस्थ शोधकार-समालोचक, निबन्धकार तथा मूर्द्धन्य सांस्कृतिक-ऐतिहासिक उपन्यास लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रिय शिष्‍य रहे हैं।

अत्यधिक अध्ययनशील तथा विचारक प्रकृति के नामवर सिंह हिन्दी में अपभ्रंश साहित्य से आरम्भ कर निरन्तर समसामयिक साहित्य से जुड़े हुए आधुनिक अर्थ में विशुद्ध आलोचना के प्रतिष्ठापक तथा प्रगतिशील आलोचना के प्रमुख हस्‍ताक्षर रहे ।