बिहार में अब सीधे अस्पतालों को मिलेगी रेमडेसिविर, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

पटना : राज्य में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महामारी की इस दूसरी लहर में गंभीर संक्रमण के शिकार मरीजों की जान बचाने के लिए रेमडेसिविर रामबाण बन गई है। जिसके बाद से इसकी मांग और खपत में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कोरोना संकट के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने नई व्यवस्था बनाई है। अब यह इंजेक्शन मरीजों के आधार पर सीधे अस्पताल को मुहैया कराया जाएगा। राज्य औषधि नियंत्रक रवींद्र कुमार सिन्हा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। 


संक्रमितों की संख्‍या के आधार पर होगा आवंटन

मडेसिविर इंजेक्शन की बढ़ती मांग को देखते राज्य के अस्पतालों और मरीजों को यह इंजेक्शन सहजता से मिले इसके लिए अस्पतालों को कोविड संक्रमितों की संख्या के आधार पर यह इंजेक्शन मुहैया कराया जाएगा। अस्पतालों को गूगल फार्म शीट पर मरीजों का विवरण अपने अस्पताल के ई-मेल आइडी से सरकार को मुहैया कराना होगा। इस मेल और मरीज की संख्या के आधार पर संबंधित कंपनी के डिपो की ओर से जिलों के प्राधिकृत स्टाकिस्ट को रेमडेसिविर उपलब्ध कराया जाएगा। जिले में पदस्थापित सिविल सर्जन नोडल पदाधिकारी और सहायक औषधि नियंत्रक सहायक नोडल पदाधिकारी होंगे।

सरकार ने रेमडेसिविर के वितरण के लिए गूगल फॉर्म सीट पर काम को सही प्रकार से अंजाम देने के लिए सहायक औषधि नियंत्रक विश्वजीत दास गुप्ता की अध्यक्षता में एक कमेटी का भी गठन किया है. इस मेल और मरीज की संख्या के आधार पर संबंधित कंपनी के डिपो की ओर से जिले को प्राधिकृत स्टॉकिस्ट रेमडेसिविर उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही जिलों के सहायक औषधि नियंत्रकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन काम करने वाले औषधि निरीक्षकों से सहयोग प्राप्त कर उक्त दवा की कालाबाजारी पर भी रोक लगायें.