37.1 C
Delhi
HomeEducationपीएमसीएच में प्रशिक्षण और पटना में रहने की मांग को लेकर नर्सिंग...

पीएमसीएच में प्रशिक्षण और पटना में रहने की मांग को लेकर नर्सिंग छात्राओं ने निकाली स्वास्थ्य मंत्री की शव यात्रा

- Advertisement -spot_img

पटना, बीपी प्रतिनिधि। अपनी मांगों के समर्थन में पीएमसीएच की नर्सिंग छात्राओं ने गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पुतले की शव यात्रा निकाली। इस दौरान उन्होंने जमकर प्रदर्शन भी किया। कारगिल चौक पर छात्राओं ने पुतले को आग के हवाले कर दिया। छात्राओं ने बताया कि हमारा एडमिशन पीएमसीएच में हुआ है जबकि ट्रेनिंग राजापाकर में दी जा रही है। हम किसी भी हालत में राजापाकर नहीं जाएंगे।

कारगिल चौराहे पर फूंक दिया शव के रूप में पुतला।

छात्राओं ने बताया कि वह 23 मई से गर्दनीबाग में अनिश्चितकालीन धरना पर हैं। आज आंदोलन का 30वां दिन है। कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ रही है। जिनका उपचार कराया जा रहा है। स्लाइन (ग्लूकोस की बोतल) लगाकर किसी तरह छात्राओं की जान बचाई जा रही है। लेकिन उनकी कोई मांग सुनी नहीं जा रही है।

न तो खुद स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पहुंचे हैं और न ही उनके विभाग के अफसर या पदाधिकारी ही छात्राओं को देखने पहुंचे है। उनके पास जीएमएम छात्राओं के लिए दो मिनट का समय भी नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री को छात्राओं की जान तक की फिक्र नहीं है। हम लोग ज्यादा कुछ नहीं मांग रहे है। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारा नामांकन पीएमसीएच पटना में हुआ है तो छात्रावास भी पटना में ही दिया जाए।

छात्राओं ने कहा कि हम लोग किसी भी कीमत पर राजापाकर नहीं जाएंगे। राजापाकर में छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन रेप और हत्या की घटनाएं होती रहती हैं। यदि सरकार छात्रावास मुहैया नहीं कराने में सक्षम नहीं है तो हम सभी छात्राओं को पटना में ही रहने की इजाजत दे हम लोग खुद किराए पर कमरा लेकर रहेंगे पर पठन पाठन एवं प्रशिक्षण पीएमसीएच में करेंगे।

छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो राजभवन के सामने आत्मदाह करेंगे और उनकी मौत की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -