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पटना: जगदानंद को JDU से जवाब, वशिष्ठ नारायण बोले- जनगणना पर बेवजह की राजनीति कर रही राजद

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पटना: जातिगत जनगणना के मुद्दे पर राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के ऑफ़र पर JDU के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने दो टूक जवाब दिया है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि एक रणनीति के तहत राजद इस तरह के बयान दे रही हैं। इस बयान का कोई मतलब नहीं है।

JDU और BJP की सरकार एकजुट है कोई समस्या नहीं है। जातिगत जनगणना का मुद्दा जब आएगा तब नीतीश जी उस वक्त फैसला लेंगे। अभी इस तरह के बयान का कोई मतलब नहीं है। राजद जातिगत जनगणना के मुद्दे पर बेवजह राजनीति कर रहीं है।

तेजस्वी यादव ने जगदानंद सिंह को आगे करके बयान दिलवाया था कि यदि भाजपा सरकार जातीय जनगणना और विशेष राज्य के दर्जा पर उनकी बात नहीं मानती है तो JDU RJD के साथ आए। मिलकर सरकार बनाएं। इस पर JDU के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने जवाब दिया है।

जातीय जनगणना पर क्या बोले तेजस्वी
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को कहा है कि लिखकर ले लीजिए नीतीश कुमार ऐसा कुछ नहीं करेंगे। इसके लिए कलेजा चाहिए, उनके पास कलेजा नहीं है। पूरा देश जानता है कि उनके पास कलेजा नहीं है। कहा कि हम तो 50 बार बोल चुके हैं कि एंट्री-एग्जिट की कोई बात ही नहीं है। जातीय जनगणना की जहां तक बात है लालूजी का संघर्ष रहा। हम लोगों की मांग पर प्रस्ताव के बाद बिहार विधानसभा से सर्वसम्मति से पास हुआ।

नीतीश कुमार का कभी एजेंडा था ही नहीं। पास कराने में BJP भी थी। इफ एंड बट था ही नहीं, लेकिन जब पार्लियामेंट में मनाही हो गई तो हमारा कर्तव्य बनता था कि जाकर PM के सामने अपनी बातें रखें। हमने नीतीश कुमार को सुझाव दिया कि केन्द्र नहीं मान रहा तो कम से कम राज्य सरकार तो करा ले। अब इसको लेकर नौटंकी कर रहे हैं। सर्वदलीय बैठक बुला लीजिए पता चल जाएगा कौन आ रहा है नहीं।

जनता में नीतीश सरकार के खिलाफ नाराजगी
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम नीतीश कुमार की जगह रहते तो जातीय जनगणना की घोषणा कर देते कि जातिगत जनगणना राज्य सरकार अपने खर्चे पर करा रही है। जब विधानसभा और विधान परिषद से प्रस्ताव पास हो ही गया तो सर्वदलीय बैठक का क्या मतलब। यहां विरोध का कोई माहौल नहीं था, वहां वे विरोध का माहौल बना दिए। जनता के मन में मौजूदा सरकार के प्रति गुस्सा है, नाराजगी है।’

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