BREAKING : कड़ी सुरक्षा में मुख्तार अंसारी को लेकर आया पुलिस का काफिला भोर में बांदा पहुंचा, बैरक नंबर-15 बना नया ठिकाना

बांदा (प्रमोद कुमार) : मऊ के बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस का काफिला को बुधवार को भोर करीब साढ़े चार बाँदा पहुंचा। पुलिस काफिला मुख्तार को पंजाब की रोपड़ जेल से यहां लाया है। मुख्तार को बांदा जेल की 15 नंबर बैरक में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इस बैरक के चारो ओर सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है।


काफिले ने करीब नौ सौ किलोमीटर का सफर करीब साढ़े सोलह घंटे में पूरा किया। जेल परिसर में केवल चार वाहनों को जाने की अनुमति दी गई। चार डॉक्टरों की टीम ने मुख्तार अंसारी के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। उसके बाद मुख्तार को बैरक में भेज दिया गया। उसे अकेले ही इस बैरक में रखा गया है। जानकारों के मुताबिक मुख्तार को पहले इस बैरक में रखा जा चुका है।

मंगलवार दोपहर पंजाब के रोपड़ जेल से मुख्तार को लेकर यूपी पुलिस का चला था। लगातार चले इस काफिले को एक – दो जगह रुकते हुए देखा गया. रोपड़ जेल से निकलने के बाद लगातार 6 घंटे तक ये काफिला चला और फिर जेवर पेट्रोल पंप पर रुका. इस दौरान मुख्तार की एंबुलेंस को चारो तरफ से पुलिसकर्मियों ने घेरे रखा।

उल्लेखनीय है कि माफिया विधायक मुख्तार अंसारी की शिफ्टिंग को लेकर मंगलवार दिन में ही बांदा जेल की किलाबंदी पूरी कर ली गई थी। सुबह से रात तक अफसर आते-जाते रहे। परिसर में 32 सीसीटीवी कैमरे अफसरों की आंख के रूप में पग-पग पर निगाह रखे रहे । सड़क से लेकर परिसर तक का कोना-कोना सर्विलांस की जद में रहा। अंधेरे के बाद भी उच्च तकनीक वाले कैमरे काम करेंगे।

मंगलवार सुबह से ही मंडल कारागार में अतिरिक्त फोर्स के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था । प्रभारी जेलर पीके त्रिपाठी की मांग पर चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के आइजी के. सत्यनारायण ने अतिरिक्त फोर्स मुहैया कराई । फोर्स के साथ ही दूसरी जेलों से सिपाही यहां तैनात किए गए हैं। प्रयागराज की नैनी जेल से चार सिपाही दोपहर में पहुंचे। जेल और आसपास पुलिस ही पुलिस नजर आई। कोतवाल जय श्याम शुक्ला टोह लेते रहे।

माफिया विधायक को पंजाब की रोपड़ जेल से लाने के लिए सोमवार सुबह करीब सौ लोगों की टीम पुलिस लाइन से रवाना हुई थी। इसमें वज्र वाहन, एंबुलेंस के साथ ही एक प्लाटून पीएसी, एक सीओ, दो इंस्पेक्टर, छह दारोगा और चालीस से ज्यादा कांस्टेबल साथ थे। एसटीएफ और एसओजी भी है। सूत्रों के मुताबिक यहां से दो टीमें गई थी। इनमें एक टीम रोपड़ पुलिस लाइन सुबह करीब साढ़े चार बजे पहुंची, जबकि दूसरी साढ़े नौ बजे पहुंची। उसके बाद रोपड़ जेल में कागजी खानापूरी की गई। अपराह्न करीब दो बजे टीम वहां से निकली। इसके बाद बांदा के अफसर पल-पल की अपडेट लेते रहे।

जेल के अंदर चाक-चौबंद सुरक्षा के साथ ही बाहरी परिसर को भी किले में तब्दील कर दिया गया है। सड़क किनारे बना गेट जहां जंजीर डाल बंद कर दिया गया। वहीं, गेट के पास ही सुरक्षा पोस्ट और अस्थायी चौकी का भी बनाई गई। मंगलवार अपराह्न करीब एक बजे पालिका की टीम बैरीकेडिग लेकर पहुंची। पूरे परिसर में बैरीकेडिग कर दी गई है। रणनीति के तहत हर कदम पर जांच और पूरी तसल्ली के बाद ही कोई जेल के अंदर जा पाया।