संजय राउत के भारत के सोवियत संघ की तरह टूटने के बयान पर सियासत गरम

-भाजपा ने की केस दर्ज कराने की मांग , सोनिया गांधी -शरद पवार की चुप्पी पर खड़े किये सवाल

सेंट्रलडेस्क/ नयी दिल्ली: शिवसेना नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत के उस बयान पर देश की सियासत गरम हो गयी है जिसमे उन्होंने कहा है कि “अगर केंद्र सरकार को इस बात का एहसास नहीं हुआ कि वह राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को नुकसान पहुंचा रही है, तो जैसे रूस के राज्य टूटे वैसा ही हमारे देश में भी होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.”

संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र में प्रकाशित अपने कालम में उपरोक्त बात कही है। उन्होंने कहा है कि यदि केंद्र सरकार को अहसास नहीं हुआ तो देश सोवियत संघ की तरह बिखर जाएगा। संजय राउत के बयान पर भाजपा नेता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने संजय राउत पर केस दर्ज कराने की मांग की है। भाजपा नेता राम कदम ने कहा है कि शिवसेना कंजुरमार्ग कारशेड प्रोजेक्ट पर अपनी नाकामी और शर्मिंदगी को छुपाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है।

उन्होंने कहा कि शिवसेना को ये नहीं भूलना चाहिए कि उसकी अपनी बनाई हुई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि कारशेड प्रोजेक्ट कंजुरमार्ग पर नहीं बनाया जा सकता और वहां 5,000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा और मामला अदालतों में अटक जाएगा। लेकिन अब अपनी नाकामी को छुपाने के लिए शिवसेना भारत के टूटने की बात कर रही है। लेकिन देश शिवसेना के इस कृत्य को नहीं भूलेगा और पार्टी को ये बात अपने दिमाग में रखनी चाहिए।” 

वरिष्ठ बीजेपी नेता ने राउत के इस बयान पर राहुल गांधी, सोनिया गांधी और शरद पवार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। कदम ने कहा, हम आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति में कटाक्ष की भाषा को समझ सकते हैं, लेकिन देश को तोड़ने की बात बर्दाश्त नहीं कर सकते, जिस देश के लिए बहुत से लोग अपने प्राणों की आहुति देकर शहीद हुए। क्या राहुल गांधी, सोनिया गांधी और शरद पवार देश को तोड़ने जैसी बातों से सहमत हैं? वो इस मामले पर क्यों चुप हैं? बीजेपी नेता अतुल भटखलकर ने इस बयान पर शिवसेना नेता के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की मांग की है।

भटखलकर ने कहा ”शिवसेना नेता संजय राउत ने सामना में अपने कॉलम में कहा है कि भारतीय राज्य उसी तरह से बर्ताव कर सकते हैं, जैसा रूस में राज्यों ने किया था. संजय राउत महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ बैठे हैं। एक पार्टी जो ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग का समर्थन करती है और जिसने देश का बंटवारा किया। ऐसे में, उनके (राउत) दिमाग में इस तरह के विचार आना लाजमी हैं।”

”मैं उनसे कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश एकजुट है और ये हर दिन अधिक समर्थ हो रहा है। अत: संजय राउत के खिलाफ ऐसा विभाजनकारी बयान देने पर केस दर्ज किया जाना चाहिए।” शिवसेना नेता संजय राउत ने इससे पहले सामना में लिखे अपने कॉलम में लिखा था, ”गैर बीजेपी शासित राज्यों को दरकिनार करने की धारणा से उनकी सरकार देश के संघीय ढांचे को खत्म कर रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराकर बीजेपी की सरकार बनी, कश्मीर में अस्थिरता है। पंजाब में किसान परेशान हैं। मुंबई में मेट्रो परियोजना को रोका जा रहा है। अगर केंद्र सरकार को अपनी साजिश का अहसास नहीं हुआ कि वह राज्यों के साथ गलत कर रही है तो भारत सोवियत संघ की तरह टूट जाएगा।”