पूजा अपने जज्बे से बन गईं कश्मीर में पहली महिला रोडवेज बस ड्राइवर

  • जम्मू -कठुआ मार्ग पर हुई पोस्टिंग

जम्मू: सब लोग चकित थे , एक महिला को जम्मू-कश्मीर परिवहन निगम की बस स्टेयरिंग पर बैठे देखकर। उनको यकीन नहीं था कि यही महिला ड्राइवर के रूप में बस चलकर उन्हें गन्तव्य तक ले जाएगी लेकिन यह हकीकत थी। चालक की सीट बैठी पूजा देवी जिन्हें 23 दिसंबर को सुबह जम्मू -कठुआ रूट पर बस चलाने की ड्यूटी मिली ।



पूजा देवी जम्मू -कश्मीर की रहने वाली हैं। अपने जज्बे और जुनून से उन्होंने इतिहास रचा है। वह कश्मीर की पहली महिला बस ड्राइवर बनी हैं। लेकिन उनका ये सफर इतना आसान नहीं था। आज उनकी कहानी लोगों को ये संदेश देती है कि महिलाए किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। बचपन से ही उन्हें बड़ी गाड़ी चलाने का शौक था। खूब संघर्ष किया और आज वो उस मुकाम पर पहुंच गई हैं जहां वो पहुंचना चाहती थीं।

कुछ साल पहले ही उन्होंने ड्राइविंग सीखने के लिए टैक्सी चलाई। बाद में उन्होंने जम्मू में ट्रक भी चलाया। अब वो स्थानीय ट्रांसपोर्टर ने बस चलाने का काम कर रही हैं। वो ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं हैं, उनको लगता है कि ये काम उनके लिए बेस्ट है।

ये सबकुछ करना इतना आसान नहीं था। उनका परिवार और पति दोनों की इच्छा के बिना वो अपने इस सपने को पूरा करने के लिए आगे बढ़ीं। वो कहती हैं, ‘वो पहली बार बस चलाकर काफी खुश हैं। टैक्सी और ट्रक पहले भी चला चुकी हूं। उम्मीद नहीं थी कि कोई भरोसा जताएगा लेकिन यह सपना भी पूरा हो गया। कोई बड़े ख्वाब नहीं देखती, लेकिन ड्राइविंग को लेकर खुली आंखों से देखा सपना पूरा कर लिया है।

उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक हालात काफी कमजोर है और इसके लिए मैं एक ट्रेनिंग स्कूल में महिलाओं को ड्राइविंग भी सिखाती हूं। इस काम से वह 10 हजार रूपये कमाती है।

तीस वर्षीय पूजा को जम्मू कश्मीर परिवहन विभाग में नौकरी मिली है और ड्राइवर की नौकरी पाते ही उन्होने केंद्र शासित प्रदेश की पहली महिला बस ड्राइवर होने का इतिहास रच दिया है. पूजा कहती है कि उन्हें शुरू से ही ड्राइविंग का शौक था और वे पहले कार और दूसरी गाड़ियां चलातीं थीं लेकिन वे बड़ी गाड़ियों को चलाने का सपना पूरा करना चाहती थीं और अब उनका सपना पूरा हो गया है।

पूजा देवी कठुआ जिले से संधार बसोहली गांव की रहने वाली हैं और यहीं से उन्होंने अपनी पढ़ाई की है। परिवहन विभाग की तरफ से उन्हें जम्मू और कठुआ के बीच बस चलाने की जिम्मेदारी मिली है।

अपनी नौकरी के बारे में बात करते हुए पूजा ने कहा कि मैं इस नौकरी को पाने का इसलिए ख्वाब देख रही थी क्योंकि मैं यह साबित करना चाहती थी कि सिर्फ पुरुष ही यात्री बस को नहीं चाल सकते। उन्होंने बताया कि इस जॉब से पहले उन्होंने टैक्सी और ट्रक भी कई बार चलाए हैं।