गोरखपुर में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए फ‍िर से किया गया निजी अस्पतालों को तैयार

स्टेटडेस्क : कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। टीबी व रेलवे अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति प्रदान कर दी गई है। अभी तक केवल बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में 300 बेड का कोविड अस्पताल संचालित है। वहां गोरखपुर के 12 व पूरे मंडल के लगभग 30 मरीजों का इलाज चल रहा है। सभी लेवल टू व थ्री के अस्पताल हैं। इस बार लेवल वन के अस्पताल नहीं बनाए जाएंगे। क्योंकि बिना लक्षण वाले मरीजों को हाेम क्वारंटाइन होने की सुविधा दी गई है। मरीजों की संख्या कम होने से शेष सभी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज बंद कर दिया गया था। जनवरी व फरवरी में संक्रमितों की संख्या काफी कम हो गई थी। इस वजह से मेडिकल कालेज के एक अस्पताल को छोड़कर सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में बने कोरोना वार्ड बंद हो गए थे।

लेकिन 15 मार्च से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। पिछले दो दिनों से मरीजों की संख्या 100 से ऊपर जाने लगी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी है। इसमें छात्रसंघ चौराहा स्थित पैनेशिया अस्पताल में 78 बेड तथा 25 बेड का फातिमा अस्पताल, पादरी बाजार में कोविड वार्ड बनाया गया है। 100 बेड टीबी अस्पताल में 90 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। साथ ही रेलवे अस्पताल में 25 बेड का कोविड वार्ड शुरू करने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ ने सोमवार को टीबी अस्पताल का निरीक्षण किया। बेडों व वेंटीलेटर को दुरस्त करने के साथ ही कोविड मरीजों के समुचित इलाज का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सभी डाक्टर अपनी ड्यूटी के दौरान पीपीई किट में तैनात होंगे। पूरी सतर्कता के साथ इलाज करेंगे। मरीजों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही उन्हें बचाव के तरीके भी बताएंगे। हमारी तैयारी पूरी है। मरीजों के इलाज के मुकम्मल इंतजाम हैं। दो नए निजी अस्पताल भी तैयार कर दिए गए हैं। साथ ही मेडिकल कालेज व टीबी अस्पताल में भी मरीज भर्ती किए जाएंगे। किसी मरीज को परेशानी नहीं होने पाएगी।