पुलवामा हमला: सेना,पुलिस और CRPF ने की जॉइंट प्रेस कांफ्रेंस,कहा- कश्मीरी युवा बंदूक उठाएंगे तो मार दिए जाएंगे

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सेंट्रल डेस्क: पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद सेना की ओर से सोमवार को आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में मास्टरमांइड समेत तीन आतंकी मारे गए। इसे लेकर सेना, सीआरपीएफ और पुलिस ने मंगलवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की मदद करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर उनकी मदद की गई तो वो सुरक्षा एजेंसियां उन्हें छोड़ेंगी नहीं।

सेना ने कश्मीर की माताओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपने बेटों को सरेंडर करने के लिए कहें, अगर उन्होंने बंदूक नहीं छोड़ी तो मारे जाएंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन, श्रीनगर के आईजी एसपी पाणी, CRPF के आईजी जुल्फिकार हसन और GoC विक्टर फोर्स के मेजर जनरल मैथ्यू शामिल थे। बता दें कि सेना ने सोमवार को एक मुठभेड़ में पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान उर्फ गाजी समेत तीन आतंकी मार गिराए थे। इसमें मेजर समेत पांच जवान मारे गए थे।

ढिल्लन ने कहा, “विस्फोटक को लेकर सूचनाएं मिली हैं। हम उसे यहां नहीं बता सकते। आतंकी बहुत सी घटनाओं को अंजाम देना चाहते हैं, लेकिन हम उन्हें रोक देते हैं। कश्मीर के युवाओं से कहना चाहते है कि बंदूक नहीं उठाएं। अगर आप बंदूक उठाएंगे तो मार दिए जाएंगे।”
सुरक्षा बलों ने कहा कि ठंड और खराब मौसम के कारण घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं, जिन्हें हम रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। कश्मीर घाटी में हम आतंकियों को खत्म करने में लगे हैं।


हाईवे और सेना के जवानों पर हमला प्लान के तहत किया गया। हम हमले से 3-4 दिन पहले भी उस रास्ते से गए थे, उस वक्त सब सामान्य था। काफिले के दौरान ट्रैफिक के नियमों को को बदला जाएगा और अमल में भी लाया जाएगा। “कामरान ने पुलवामा में हमला करवाया था। उस घटना के दौरान गाड़ी में विस्फोटक था। पिछले साल हमने 250 से ज्यादा आतंकियों को मारा। वे (आतंकी) लोगों को भर्ती करने में लगे हैं। हम मुख्य रूप से आतंकियों की पहचान करने में लगे हैं। जल्द ही समस्या को खत्म कर दिया जाएगा।”

“हम किसी भी नागरिक को परेशान नहीं कर रहे। किसी को प्रोपेगैंडा नहीं फैलाना चाहिए। हम आतंकियों को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे और उनकी योजनाओं को विफल कर रहे।”लोकल लोगों की भर्तियां कम हो रही है। हम सकारात्मक सोच के साथ योजना बना रहे हैं। सीआरपीएफ काफिले पर हमला पाकिस्तान और जैश के कहने पर हुआ। इसमें लोकल लोगों का कितना हाथ है, इसकी जांच की जा रही है।”

ढिल्लन ने सुनाया ब्रिगेडियर की बहादुरी का किस्सा

  • लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन ने बताया कि ब्रिगेडियर हरदीप सिंह को चोट लगी थी, वो छुट्टी पर थे। लेकिन वो अपनी छुट्टी छोड़कर वापस आए और ऑपरेशन में शामिल हुए। वहीं, रुककर अपने आदमियों को सामने से ले गए।