पुलवामा अटैक: हरभजन सिंह का फूटा गुस्सा, बोले- वर्ल्डकप में पाकिस्तान से नहीं खेले भारत

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स्पोर्ट्स डेस्क: पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलने की मांग उठने लगी है। इसी सन्दर्भ में टीम इंडिया के सीनियर ऑफ स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने टीम इंडिया को सलाह दी है कि उसे आगामी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए।

भज्जी हाल ही में पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद एक टीवी चैनल में अपने विचार रख रहे थे। इस कार्यक्रम में भज्जी ने कि टीम इंडिया इस वक्त दुनिया की इतनी मजबूत टीम है कि अगर वह अपने इस चिर-प्रतिद्वंद्वी देश के खिलाफ वर्ल्ड कप में मैच न भी खेले, तो भी वह वर्ल्ड कप पर कब्जा जमा सकती है।

क्रिकेट की पिच पर दूसरा फेंकने में माहिर भज्जी ने कहा, ‘यह हमारे देश के लिए मुश्किल समय है। हमारे सुरक्षाबलों पर जो हमला हुआ वह अविश्वसनीय था और बहुत ही गलत था। हमारी सरकार निश्चिततौर पर इस पर कड़ा ऐक्शन जरूर लेगी।

लेकिन जहां तक क्रिकेट का सवाल है, तो मैं नहीं समझता कि हमारे उनके साथ संबंध होने चाहिए। अगर हम उनके साथ इन हालात में भी खेलते हैं, तो फिर वे हमारे साथ ऐसा ही व्यवहार करेंगे।’ हरभजन सिंह टीवी न्यूज चैनल आज तक पर क्रिकेट से जुड़े एक कार्यक्रम में अपने विचार रख रहे थे।

इसके अलावा भज्जी ने कहा, ‘भारत को वर्ल्ड कप 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए। भारतीय टीम इस वक्त इतनी मजबूत टीम है कि अगर पाक से न खेलेने पर उस पर जुर्माना (पॉइंट्स काटे गए) भी लगाया गया, तो भी वह वर्ल्ड कप जीतने का माद्दा रखती है। मैं नहीं समझता कि हमें पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में मैच खेलना चाहिए। हमेशा देश पहले आता है और हम अपने देश के साथ खड़े हैं।’ बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच वर्ल्ड कप में 16 जून को मैनचेस्टर में मैच शेड्यूल है।

इसके साथ ही हरभजन सिंह ने यह भी कहा, ‘क्रिकेट हो, हॉकी हो या फिर कोई और खेल अभी सभी चीजों को एक तरफ रख देना चाहिए क्योंकि बार-बार हमारे सैनिक मारे जा रहे हैं। हमें अपने देश के साथ ही खड़ा रहना चाहिए और ऐसे में हम उनके साथ नहीं खेल सकते।’

हरभजन सिंह ने कहा, ‘हमें पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के संबंध नहीं रखने चाहिए। हम पर्याप्त रूप से ताकतवर हैं कि हम दुनिया को अपने दम पर खिला सकें। क्रिकेट एक खेल इतना जरूरी नहीं है, जितना कि अपने सुरक्षाबलों के हर जवान के साथ खड़ा रहना जरूरी है। उनका त्याग व्यर्थ नहीं जाना चाहिए।’ इससे पहले गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए।