पूर्णिया: डॉ. संतोष के आवेदन ने पूरे सिस्टम की ही पोल खोल कर रख दी, मामला कटिहार के आर्म्स लाइसेंस का

पूर्णिया(राजेश कुमार झा): कटिहार जिला प्रशासन द्वारा पूर्णिया के 44 लोगों को आर्म्स का लाइसेंस निर्गत करने के मामले में जांच कमिटी का गठन हो चुका है.जांच कमिटी ये जांच करेगी कि जिन 44 लोगों ने कटिहार जिले से आर्म्स लाइसेंस निर्गत करवाये थे, उनके पीछे उनकी मंशा क्या थी.



दूसरी बात पूर्णिया के रहने वाले कटिहार जिले से ही आर्म्स लाइसेंस निर्गत क्यों करवाये.पूर्णिया से क्यों नही करवाये.इन 44 लोगों का बिजनेस क्या है.इनका बैकग्राउंड क्या है.ऐसे कई सवाल है जिनकी जांच जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है.बताते चलें कि कटिहार जिले में धड़ल्ले से आर्म्स लाइसेंस देने के मामले में कटिहार जिला प्रशासन की काफी किरकिरी हो चुकी है.मामला तब खुला जब कटिहार के एक डॉक्टर संतोष कुमार के घर पर जब पुलिस ने आर्म्स लाइसेंस का भौतिक सत्यापन करने पहुंची तब डॉक्टर संतोष को इस बात की जानकारी मिली कि उनके घर के पते पर किसी ने आर्म्स लाइसेंस के लिये आवेदन दिया है.

इसके बाद डॉ0 संतोष कुमार ने कटिहार जिला प्रशासन को एक लिखित आवेदन दिया कि मेरे घर पर कोई भी किराया नही है.इसके बाद कटिहार जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया.इसके बाद कटिहार जिला प्रशासन अपनी साख बचाने के लिये आनन-फानन में एक हाईलेवल जांच कमिटी के गठन कर दिया.जांच कमिटी गठन के बाद पूर्णिया के 44 लोगों के आर्म्स लाइसेंस की गहन जांच शुरू हो गई.मामला इतना बड़ा बन गया कि इसकी जांच मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंच गई.इस मामले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार पर काफी आरोप लगाये.फिलहाल मामले की जांच चल रही है.