अमीर और गरीब जिले: पटना, बेगूसराय और मुंगेर सबसे अमीर जबकि किशनगंज, अररिया और शिवहर हैं बिहार के सबसे गरीब जिले!

हेमंत कुमार/पटना: बिहार की अर्थव्यवस्था में भारी क्षेत्रीय विषमता है! पटना, बेगूसराय और मुंगेर सबसे समृद्ध जिले हैं जबकि किशनगंज, अररिया और शिवकर सबसे गरीब जिले हैं। यहां उल्लेखनीय है कि सबसे समृद्ध जिले दक्षिण बिहार के हैं जबकि सबसे गरीब जिले उत्तर बिहार के हैं! ऐसा तब है, जब सरकार का दावा है कि बिहार आर्थिक मोर्चे पर तेजी से तरक्की कर रहा है। राज्य सरकार की ओर से शुक्रवार, 19 फरवरी 21 को जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट कहती बिहार की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2019-20 में 10.5 प्रतिशत थी जो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से अधिक है! इतना ही नहीं सरकार तो यह भी कह रही है कि आर्थिक मोर्चे पर बिहार की तरक्की की चर्चा देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हो रही है!



बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के मौके पर राज्यपाल फागू चौहान के अभिभाषण के बाद पेश आर्थिक सर्वेक्षण पर अपनी बात रखने के लिए मीडिया के सामने आये उपमुख्यमंत्री-सह-वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने विकसित बिहार, शिक्षित बिहार,स्वस्थ बिहार की तस्वीर पेश की! वित्त मंत्री ने दावा किया कि कोरोना काल की मुश्किलों से निकालने के बाद बिहार अब तेजी से तरक्की कर रहा है। हालांकि उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि 2019-20 के पुराने आंकड़े पर आधारित आर्थिक सर्वेक्षण का मतलब क्या है!

बहरहाल, बिहार में जिलावार विषमता के बारे में आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि पटना जिले का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) (1, 12,604 रुपये ) सबसे गरीब जिले शिवहर (17,569 रुपये) से छह गुने से भी अधिक है। बेगूसराय का GDP 45,540 रुपये और मुंगेर का GDP 37385 रुपये है। यानी तीन सबसे समृद्ध जिलों के बीच भी भारी विषमता है। अब शिवहर के बाद सबसे गरीब जिले किशनगंज और अररिया की GDP पर गौर करें! किशनगंज की GDP 19313 रुपये है जबकि अररिया की GDP 18,981 रुपये है।


जिलों के बीच आर्थिक विषमता का तय करने के लिए तीन सूचकों-पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (रसोई गैस) की खपत को आधार बनाया गया है। पेट्रोल की खपत के लिहाज से पटना, मुजफ्फरपुर और वैशाली सबसे संपन्न जिले हैं जबकि लखीसराय, बांका और शिवहर पेट्रोल की खपत के मामले में सबसे पिछड़े जिले हैं।डीजल की खपत पटना, बेगूसराय और शेखपुरा में सबसे अधिक होती है जबकि बांका, मधुबनी और शिवहर डीजल जलाने में पिछड़े हुए हैं। रसोई गैस की खपत में पटना, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय शीर्ष पर है जबकि बांका, अररिया और किशनगंज फिसड्डी है। लघु बचत (small saving) के मामले में पटना, छपरा और नालंदा सबसे आगे है जबकि पश्चिम चंपारण, अररिया और किशनगंज सबसे पीछे है।