बिहार में सोमवार से गुलजार होंगे स्कूल, विद्यार्थियों को मिलेंगे दो -दो मास्क मुफ्त

-गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन का निर्देश, शिकायत मिलने पर होगी कड़ी कार्यवाही



स्टेटडेस्क/ पटना: बिहार में सोमवार चार जनवरी से स्कूल फिर से गुलजार होंगे। सरकार ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर स्कूलों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। स्कूल प्रबंधन को इनका कड़ाई से पालन करना होगा किन्तु अभिभावकों को अपनी सहमति के साथ अपने कर्तव्य के तौर पर यह ध्यान रखना होगा कि सरकार की गाइडलाइंस का पालन हो रहा है अथवा नहीं।

सरकार में व्यवस्था की है कि सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 36 लाख 61 हजार 942 विद्यार्थियों दो-दो मास्क मुफ्त दिए जाएं। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने इस आशय के निर्देश सभी डीईओ को दिए हैं। गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी गई है।

कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पहले दिन केवल 50 फीसद विद्यार्थी ही कक्षाओं में आएंगे। सभी विद्यालयों को पिछले 24 दिसंबर को सरकार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण से बचाव संबंधी जारी गाइडलाइन का अनुपालन अनिवार्य है। सभी स्कूलों के लिए डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर और साबुन रखना जरूरी किया गया है।

सरकारी माध्यमिक विद्यालयों एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था और पढ़ाई की तैयारियों के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों से फीडबैक भी लिया गया है। स्कूलों के प्रत्येक दिन निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग के मुताबिक विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर व साबुन आदि की व्यवस्था सुनिश्चि‍त की गई है।

पहले से जारी गाइडलाइन में कोरोना प्रोटोकॉल के अन्य इंतजाम व बस से पहुंचने वाले विद्यार्थियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्था जरूरी है। वहीं स्कूलों में आने वाले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को भी कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन कराने को कहा गया है। सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को दो-दो निशुल्क मास्क दिए जाएंगे। इसे लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर उन्हें विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से दोगुने मास्क मुहैया कराए जा चुके हैं।

सभी प्रधानाध्‍यापकों को कोरोना प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। जबकि कॉलेज व कोचिंग संस्थानों के लिए गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेवारी जिलाधिकारियां पर होगी। यदि कोई शिकायत मिलती है तो डीएम के स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कोचिंग संस्थानों को खोलने के लिए कोविड-19 से रोकथाम को अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल का प्रस्ताव डीएम को सौंपना पहले से अनिवार्य किया जा चुका है।

सरकार के गाइडलाइन के मुताबिक होंगे ये प्रावधान:


कक्षा में एक विद्यार्थी जिस सीट पर बैठेगा उससे कम से कम छह फीट की दूरी पर दूसरे छात्र के बैठने की व्यवस्था आवश्यक है। एक सीट के बेंच-डेस्क पर भी छह फीट की दूरी जरूरी। शिक्षक के स्टाफ रूम, कार्यालय तथा रिसेप्शन कक्ष में भी छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था आवश्यक है। जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है वहां शैक्षणिक संस्थान दो पाली में चलेंगे।

शिक्षा विभाग ने बच्चे स्कूल आएं इसके लिए विद्यालय प्रशासन को अभिभावकों की सहमति लेना जरूरी कर दिया है। अगर बच्चा घर से ही पढऩा चाहता है तो उसकी भी मंजूरी देनी होगी। माता-पिता से बच्चों के स्वास्थ्य के संबध में स्वघोषणा पत्र लेना आवश्यक है। वहीं जो बस बच्चों को लाएंगी और ले जाएंगी, दो बार सैनिटाइज करना जरूरी होगा। बस पर चढ़ने के समय बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी होगी।