शशि थरूर ने कहा- पाकिस्तान से मैच न खेलना मतलब, बिना लड़े हार जाना

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सेंट्रल डेस्क: पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से क्रिकेट मैच के बहिष्कार करने की उठती मांगों के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है. पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने की वकालत करते हुए उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान हुए मैच का हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि-1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भी भारत ने विश्व कप में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेला और जीता भी था. इस बार पाकिस्तान से मैच न खेलने से सिर्फ दो प्वॉइंट का नुकसान नहीं होगा, बल्कि यह सरेंडर करने से भी बुरा और बिना लड़े हार जाने जैसे होगा.

बता दें कि इस साल होने जा रहे क्रिकेट विश्वकप में 16 जून को भारत और पाकिस्तान के बीच भिड़ंत प्रस्तावित है. पुलवामा की घटना के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट न खेलने की मांग उठी है. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पाकिस्तान को क्रिकेट जगत में अलग-थलग करने के लिए बीसीसीआई आईसीसी को पत्र लिखने की तैयारी में है. हालांकि आधिकारिक रूप से ऐसा कोई बयान अभी तक नहीं आया है. भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज पहले से बंद है. सिर्फ आईसीसी के टूर्नामेंट में ही भारत-पाकिस्तान के मुकाबले होते रहे हैं.

पाकिस्तानी खिलाड़ियों की हटेंगी तस्वीरें

पुलवामा हमले के बाद देशभर में गुस्से और आक्रोश का माहौल है. इस बीच देश के राज्य क्रिकेट संघों ने अपने-अपने मुख्यालयों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरें हटाने का फैसला किया है. इस लिस्ट में नया नाम हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) का जुड़ गया है. एचपीसीए ने भी मंगलवार को अपने मुख्यालय में से 13 पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरें हटा ली हैं. एचपीसीए स्टेडियम के मैनेजर कर्नल एच.एस. मन्हास ने कहा, “हमने पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजली देने के लिए एचपीसीए स्टेडियम में से सभी पाकिस्तानी खिलाड़ियों की तस्वीरें हटा दी हैं”.

इन तस्वीरों में शाहिद अफरीदी, शोएब अख्तर और जावेद मियांदाद के नाम शामिल हैं. एचपीसीए स्टेडियम प्रदेश की राजधानी से 250 किलोमीटर स्थित है जो 2005 में अस्तित्व में आया था. इस स्टेडियम में उस दौरान भारतीय बोर्ड अध्यक्ष एकादश और पाकिस्तान टीम के बीच अभ्यास मैच का आयोजन किया गया था. अधिकारी ने बताया कि जो तस्वीरें थीं उनमें अधिकतर उसी अभ्यास मैच की थीं.