देश में कोरोना संकट पर बोली शिवसेना, अगर सुप्रीम कोर्ट ने PM की रैली और कुंभ पर ध्यान दिया होता तो…

सेंट्रल डेस्क: कोरोना वायरस की दूसरी लहर हर दिन भयावह होती जा रही है। वहीं कई राज्यों में चुनाव और उसके लिए रैलियों को भी इसकी वजह बताया जा रहा है। ऐसे में शिवसेना ने भी अपने मुखपत्र सामना में चुनावी रैलियों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। सामना में लिखा है – कोरोना एक राष्ट्रीय आपदा है और इस आपदा से लड़ने के लिए केंद्र सरकार ने क्या योजना बनाई है, इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने अब मांगी है।


देश की गंभीर कोरोना स्थिति का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट  ने खुद लिया है। खुशी की बात है, परंतु पश्चिम बंगाल के राजनीतिक नेताओं के, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के लाखों के रोड शो और हरिद्वार में कुंभ मेले का सुप्रीम कोर्ट ने सही समय पर संज्ञान में लिया होता तो लोगों पर इस तरह सड़क पर तड़पकर मरने की नौबत नहीं आई होती।

इसमें आगे लिखा है कि दिल्ली के एक गंगाराम अस्पताल में ऑक्सीजन कम होने से 24 घंटों में 25 कोरोना मरीज मर गए। यह देश की राजधानी की स्थिति है। इस स्थिति के लिए देश की केंद्र सरकार जिम्मेदार नहीं होगी तो कौन जिम्मेदार है? हिंदुस्तान कोरोना का नरक बन गया है, ऐसा अब विदेशी अखबारों में प्रकाशित होने लगा है। इससे प्रधानमंत्री मोदी की विदेशों में क्या प्रतिष्ठा बची है?

चुनावी रैलियों में तोड़े गए कोरोना नियम

गौरतलब है कि चुनावी रैलियों में सैकड़ों लोगों को कोविड-19 नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए देखा गया था, चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल चुनाव के शेष चरणों के लिए रोडशो और रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी भी सार्वजनिक बैठक में 500 ​​से अधिक लोगों की अनुमति नहीं दी जाएगी।