सीतामढ़ी: भारत नेपाल सीमा बंद को खोलने को लेकर इंडो नेपाल की हुई है बैठक

सीतामढ़ी/रंजीत मिश्रा: भारत नेपाल बॉर्डर सील होने से दोनो देशों के लोगो को परेशानी भुगतना पड़ रहा है । बॉडर को खुलवाने को लेकर प्रखण्ड मुख्यालय स्थ्ति उच्च विद्यालय के सभागार में शनिवार को दोनो देश के संयुक्त विचारमंच गोष्ठी आयोजित की गई थी। जिसकी अध्यक्षता अंचल मंत्री सह सेवा निवृत्त शिक्षक हरिनारायण राय ने किया है।


इस अवसर पर जिला मुख्यालय एवं सोनबरसा से सटे पड़ोसी देश सर्लाही जिला मुख्यालय मलंगवा सहित छह विभिन्न जिला के भारी संख्यामे प्रबुध नागरिको ने भाग लिया है। कार्यक्रम के दौरान परसा (ने पाल) के प्रोफेसर भाग्यनाथ गुप्ता व सिरहा के भोला साह ने कोरोना काल के परम्भ से अभीतक बॉर्डर सील का खामियाजा सिमवर्ती क्षेत्र के दोनो देश के नागरिक भुगत रहे है । दोनो देश के सम्बंध में भी खटास आ रहा है । त्रेता युग से बेटी रोटी के सम्बंध भी बॉडर बन्द से इस पर बुरा असर पर रह है । वही व्यवसायी वर्ग त्राहिमाम स्थिति में है।


दोनो देश के ने मार्ग अवरुद्ध कर हमारी सनातनी परम्परा ,रिश्ते नाते, विकास के तमाम आयाम,रोजी रोटी समाजिक तथा सुरक्षा पर आसन्न खतरा उत्पन्न हो गया है। समय रहते उचित वार्ताओं के माध्यम से समस्याओ का निदान हो सकता है । सर्लाही नागरिक समाज के महासचिव शिवचंद्र चौधरी उद्योग वाणिज्यसंघ अध्यक्ष बिरेन्द्र साह ने सभामंच से दोनो प्रबुध नागरिको ने भारत सरकार को एक ज्ञापन सौंप कर आलू प्याज जैसे सामग्रियो का आयात बन्द कर देने का प्रस्ताव पारित किया है। जिसका सीधा असर नेपाल के ओली सरकार पर पड़ेगा और नेपाल सरकार को हर हाल में सील बॉर्डर को खोलने के लिये विवश होना पड़ेगा।


मौके भारतीय क्षेत्र के मुुख्य अतिथि सीमा जागरण मंच के उपाध्यक्ष डॉ बसंत मिश्र, डॉ नवल किशोर सिंह, विजय पासवान संयुक्त प्रांतीय संगठन मंत्री ललित झा सेवा निर्वित शिक्षक रामज्ञान यादव पूर्व जिला पार्षद खण्ड कुमार जदयू अध्यक्ष पूर्णेन्दु कुशवाहा पूर्व उप प्रमुख अहिराज शैलेंद्र भूषण आदि मौजूद थे।