सुब्रमण्यम स्वामी ने अमेरिकी नौसेना के युद्धाभ्यास को बनाया मुद्दा, कहा- मोदी सरकार की हालत चमगादड़ जैसी

सेंट्रल डेस्क/नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी अपनी पार्टी पर हमला करने का मौका हाथ से जाने नहीं देते है । विगत दिनों उन्होंने उत्तराखंड सरकार के एक फैसले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था लेकिन इस बार उन्होंने अमेरिकी नौसेना के सातवें बेड़े द्वारा बिना अनुमति के ही लक्षद्वीप के पास अरब सागर की सीमा में युद्धाभ्यास को मुद्दा बना कर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि अमेरिका की दादागीरी के चलते मोदी सरकार का हल चमगादड़ जैसा हो गया है।


भारत के आर्थिक क्षेत्र में अमेरिका की गतिविधियों पर सुब्रमण्यम स्वामी ने मोदी सरकार पर तंज किया और पंचतंत्र के चमगादड़ से तुलना कर दी। भारत ने अपने आर्थिक समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशन पर जब ऐतराज जताया तो अमेरिका ने हैरानी भरा जवाब दिया इस पर राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को फिर सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया। उन्होंने केंद्र सरकार को पंचतंत्र का चमगादड़ बता दिया।

दरअसल, पंचतंत्र की कहानी में चमगादड़ को अवसरवादी बताया गया था। कहानी में वह अपने स्वार्थ के लिए पाला बदलता है और अंत में दोनों ही तरफ से उसका बहिष्कार कर दिया जाता है। अमेरिकी नौसेना ने कहा कि यूएसएस जॉन पॉल जोन्स ने ऑपरेशन को अंजाम दिया है और इसके लिए समुद्र में आवागमन की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल किया गया है।

उसने कहा कि अगर भारत विशेष आर्थिक क्षेत्र या फिर महाद्वीपीय शेल्फ में अनुमति लेने की बात कहता है तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। अमेरिका से इस तरह का जवाब मिलने के बाद स्वामी ने ट्वीट कर कहा, ‘अब बाइडेन सरकार ने बता दिया है कि वे भारत के कानून का सम्मान नहीं करते हैं। पंचतंत्र के चमगादड़ की तरह मोदी सरकार की भी हालत दयनीय हो गई है।’

पेंटागन ने नई दिल्ली की अनुमति के बिना भारत के आर्थिक क्षेत्र के भीतर अपने नौसैनिक अधिकारों का दावा करते हुए अपनी नौसेना का बचाव किया है, इस कदम को “अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप” कहा है। एक असामान्य कदम में, अमेरिकी नौसेना ने घोषणा की कि बुधवार को उसने भारत के “अत्यधिक समुद्री दावों” को चुनौती देने के लिए पूर्व सहमति के बिना भारतीय जल में नेविगेशन ऑपरेशन की स्वतंत्रता का संचालन किया ।