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उन्नाव : वर्दी की धौंस से डरी पीड़िता को बदलना पड़ा प्रार्थना पत्र

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पुरवा,उन्नाव/अशोक तिवारी। मौरावां पुलिस का आक्रामक चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है।एक दबंग की तरफदारी में खुलकर पैरोकारी कर रही पुलिस कप्तान के आदेश को भी सिरे से खारिज कर  विधवा के मूल प्रार्थना पत्र को ही हटा दिया शर्त रखी कि दूसरा लिखो वर्ना कुछ नहीं होगा।मामला एक अदद नहीं है पुलिस चौखट पर इस प्रकार की घटनाएं आये दिन होती हैं।

घटना के पिछले पृष्ठों को पलटें तो सरांय ठकुरी निवासिनी विधवा केकती को 25 नव0 की सुबह 10 बजे के आसपास गांव के ही दबंग अनूप व प्रमोद पुत्र दुलीचंद ने लाठियों से पीट दिया। आरोपी अनूप  बीट इंचार्ज जयनारायण मिश्र का चहेता था लिहाजा पीड़िता को थाने में भी बेज्जत होना पड़ा।दरोगा ने आरोपी के सामने पीड़िता को जेल भेजने की धमकी देते हुये भगा दिया।

उल्लेखनीय है हि दबंग दरोगा और आरोपी से पीड़ित विधवा सीओ पंकज सिंह से मिली उन्होंने मौरावां पुलिस को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया अफसोस यह कि पुलिस सीओ के आदेश को खारिज कर मनमानी की नतीजा पीड़िता अगले दिन कप्तान की चौखट पर पहुंच गई साहब की गैर मौजूदगी में उनके सहायक ने मौरावां पुलिस को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया पुलिस मुख्यालयी अधिकारी के आदेश को भी कूड़े के ढेर में फेंक दिया।

पीड़िता अगले दिन पुनः पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंच गयी।साहब को आप बीती बताई चोटें दिखाते हुए कार्यवाही की गुहार लगाई। बतातें चलें कि कप्तान के आदेश पर पीड़िता एक बार फिर थाने पहुंची इस बार पुलिस कार्यवाही के लिए तैयार तो हुयी मगर मूल प्रार्थना पत्र (तहरीर) बदलने की शर्त लगा दी पीड़िता को झांसे में लिया कहा कि अगर पुलिस के हिसाब चलोगी तो कड़ी कार्यवाही होगी महिला ने पुलिस पर भरोसा कर लिया।

मगर इस बार  पुलिस का रवैया बेहद घटिया रहा उसने  दोहरा चरित्र अपनाया घटना 25 नव0 की तहरीर 30 नव0 की लेकर किसी तरह  एन सीआर कायम कर दी।पुलिस को पता था कि मेडिकल में चोटें पुरानी दिखेंगी इससे अपने खैरख्वाह को आसानी से बचाया जा सकेगा आरोपी दबंगो के पक्ष में खड़ी पुलिस यह गई भूल गई की कार्यवाही के लिए उसके आलाधिकारी ने निर्देशित किया है।

गौरतलब है कि अर्से से मौरावां पुलिस मुठ्ठी भर सत्ता संरक्षित दलालों के आगोश में है यहां कार्यवाही का निर्धारण वर्दी नहीं दलाल तय करतें हैं केकती प्रकरण में भी दलाल ही ब्रेकर बनें वर्ना पुलिस की क्या मजाल वह अपने अफसर के आदेश को खारिज कर  मूल प्रार्थना ही बदलवा दे।

पुलिस और दल्लों के संरक्षण में पलते अराजक तत्वों के कारण मौरावां क्षेत्र लम्बे समय से अशान्त और भय ग्रस्त है केकती जैसी पीड़िता तो मात्र नजीर भर हैं।इस सम्बंध में हमनें थानाध्यक्ष मौरावां से उनके सीयूजी न09454404370 पर बात करने का कई बार प्रयास किया मगर तकनीकी कारणोंवश बात नहीं हो पाई।

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