वैशाली के चुनावी रंगमंच पर ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’, फिल्म से पहले दिखा ट्रेलर!

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हेमंत कुमार/पटना: वैशाली के चुनावी रंगमंच पर रविवार को एक साथ दो राजनीतिक हकीकत उजागर हुए। राजद ने अपनी एकजुटता दिखायी ,तो राजग का अंदरूनी कलह सतह पर आ गया।फिल्म से पहले जो ट्रेलर दिखा , उसमें राजग की पटकथा कमजोर दिख रही है। लेकिन राजद को लग रहा है कि पोस्टर फटते ही उसका हीरो सामने आ गया है।

वैशाली संसदीय क्षेत्र में रविवार को दो बड़े राजनीतिक आयोजन हुए।जननायक कर्पूरी ठाकुर और संत रविदास की जयंती मनाने के लिए सरैया में राजद का महाजुटान हुआ।दूसरी ओर मोतीपुर में जदयू के सीनियर लीडर विजय सहनी ने कार्यकर्ता सम्मेलन किया।सहनी पिछले लोकसभा चुनाव में वैशाली से जदयू के उम्मीदवार थे।


राजद के आयोजन में जुटी भीड़ और भीड़ का जोश देख कर राजद के नेताओं को सुकून मिला होगा।दूसरी ओर जदयू नेता विजय सहनी की ओर से बुलाये गये कार्यकर्ता सम्मेलन में भीड़ और जोश की कमी दिखी।लेकिन खुद को टिकट का दावेदार बताने वाले विजय सहनी के इस आयोजन से राजग का अंदरूनी कलह सतह पर आ गया है।

डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह वैशाली में राजद या महागठबंधन से टिकट के एकमात्र दावेदार हैं, लेकिन राजग में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। बीजेपी की पूर्व विधायक वीणा देवी, पूर्व मंत्री और बीजेपी के सीनियर लीडर बसावन प्रसाद भगत और जदयू के विजय सहनी टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं।इन तीनों की अपने क्षेत्र में अलग-अलग तरीके से मजबूत पकड़ है। कोई एक बागी हुआ तो राजग की संभावनाओं पर ग्रहण लग सकता है।


विजय सहनी के कार्यक्रम में नहीं दिखी भीड़


वीणा देवी जदयू के एमएलसी दिनेश सिंह की पत्नी हैं।सिंह की राजपूतों पर अच्छी पकड़ है। बसावन भगत अपनी बिरादरी कुशवाहा के अलावा दलितों-पिछड़ों में लोकप्रिय हैं।विजय सहनी की पकड़ मल्लाहों में मजबूत बतायी जाती है।दिक्कत यह है कि इन तीनों की मजबूती राजग की कमजोरी बनी हुई।इन तीनों को साधना राजग नेताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।वीणा देवी-दिनेश सिंह की ओर से 15 फरवरी को सरैया में आयेजित कार्यक्रम से स्थानीय विधायक समेत बीजेपी, जदयू के बड़े नेता दूर रहे।रविवार को विजय सहनी के कार्यक्रम में भी जदयू का कोई बड़ा नेता नजर नहीं आया।


विवार को विजय सहनी के कार्यक्रम में भी जदयू का कोई बड़ा नेता नजर नहीं आया।


राजग के मुकाबले राजद ने अपनी एकजुटता दिखाने में कोई कमी नहीं की।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे थे।पूर्व मंत्री और राजापाकड़ से विधायक डॉ शिवचंद्र राम, साहेबगंज के विधायक रामनिचार राय, बरूराज के विधायक नंदकुमार राय,सकरा के विधायक लालबाबू राम,औराई के विधायक सुरेंद्र राय, राजद के जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक मिथिलेश यादव और पारू से राजद के प्रत्याशी रहे शंकर यादव की मौजूदगी से डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह को तसल्ली मिली होगी।


राजद के आज के महाजुटान में भीड़


राजद के आज के महाजुटान से एक बात और साफ हो गयी कि सवर्ण आरक्षण पर पार्टी की आधिकारिक लाइन के खिलाफ बयानबाजी करने वाले डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह को दलितों-पिछड़ों का ही आसरा है।उनकी बिरादरी का वोट उन्हें मिलेगा या नहीं, यह तो बाद में पता चलेगा, लेकिन जननायक कर्पूरी ठाकुर और संत रविदास की जयंती में वैसे चेहरों की कमी दिखी जिनके बारे में रघुवंश की चिंताएं गाहे-बगाहे हिलोरे मारने लगती है!