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बुद्ध जयंती पर विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर को पंचशील ध्वज से सजाया गया

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गया, बीपी प्रतिनिधि। भगवान बुद्ध की पावन ज्ञान भूमि बोधगया में 16 मई को बुद्ध जयंती मनाई जाएगी। इसे लेकर व्यापक तैयारी की गई है। महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के द्वारा विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर को पंचशील ध्वज से सजाया गया है। साथ ही आकर्षक रोशनी की भी व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा बोधगया स्थित विभिन्न मोनेस्ट्री को भी आकर्षक रूप से सजाया गया है। 16 मई को भगवान बुद्ध की ‘त्रिविध’ पावन जयंती मनाई जाएगी। ‘त्रिविध जयंती’ कहने का तात्पर्य यह होता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ था।

भगवान बुद्ध के जीवनकाल की यह तीनों घटनाएं वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुई थी। इसलिए इसे ‘त्रिविध जयंती’ भी कहते हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा भी कालचक्र मैदान एवं अन्य जगहों पर बैनर, पोस्टर लगाए गए हैं। इस बार भगवान बुद्ध की 2566वीं जयंती पूरे धूमधाम से मनाई जाएगी। इसे लेकर सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं। कोरोना के कारण 2 वर्ष बाद बुद्ध जयंती का आयोजन किया जा रहा है।

इस संबंध में महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के प्रभारी भिक्षु भंते चालिन्दा ने बताया कि कालचक्र मैदान में भव्य पंडाल बनाए गया हैं। महाबोधी मंदिर और इसके परिसर को पंचशील पताको व रंगीन ब्लबो से सजाया गया है। देश के विभिन्न राज्यो के अलावा कई देशों के लगभग 10 हजार से अधिक बौद्ध श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हों, इसका पूरा ध्यान रख कर तैयारी की गई हैं। खाने से लेकर ठहरने व गया रेलवे स्टेशन से बोधगया तक आने-जाने का इंतजाम भी किया गया है। पेयजल, सफाई व स्वास्थ्य सुविधाओं का विशेष इंतजाम किया गया है। कालचक्र मैदान में श्रद्धालुओं के बैठने, ठहरने और खाने की व्यवस्था होगी। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

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