पुलवामा आंतकी हमले में यूपी के 12 जवान शहीद, परिजनों को मिलेगा 25-25 लाख रुपये मुआवजा

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स्टेट डेस्क : पुलवामा में CRPF पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 44 जवानों में 12 उत्तर प्रदेश के हैं। जवानों के शहीद होने की खबर उनके घरों में आई तो कोहराम मच गया। शहीद जवानों के परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच राज्‍य सरकार ने शहीद जवानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। इसके अलावा जवानों के पैतृक गांव की सड़क का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा।

हमले में शहीद हुए यूपी के 12 जवानों में चंदौली के अवधेश, इलाहाबाद के महेश, शामली के प्रदीप और अमित कुमार, वाराणसी के रमेश यादव, आगरा के कौशल कुमार यादव, उन्नाव के अजीत कुमार, कानपुर देहात के श्याम बाबू, कन्नौज के प्रदीप सिंह और देवरिया के विजय मौर्य शामिल हैं।

उन्नाव शहर कोतवाली के लोकनगर मोहल्ला के रहने वाले प्यारेलाल का 35 वर्षीय बेटा अजीत कुमार आजाद 115वीं बटालियन में सीआई के पद पर तैनात था. देर शाम मौत की खबर मिलते ही मां राजवती, पत्नी मीना व दो बेटियों ईशा और श्रेया का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.

कन्नौज के तिर्वा के सुख्सेंपुर निवासी जवान प्रदीप सिंह यादव भी उस बटालियन में शामिल थे, जिसे आतंकियों ने अपना निशाना बनाया. मौत की खबर मिलते ही परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा. प्रदीप अपने पीछे पत्नी नीरज और दो बेटी सुप्रिया यादव और सोना यादव छोड़ गए हैं. महराजगंज के हरपुरा गांव के टोला बेलहिया के रहनेे वाले पंकज त्रिपाठी भी शहीद हुए हैं. चार दिन पहले ही छुट्टी खत्म कर डियूटी ज्वाइन किया था.

आगरा के कइरई गांव के जवान कौशल कुमार रावत भी हमले में शहीद हो गए. कौशल की शहादत की खबर आई तो पूरा गांव रो उठा. मां धन्नो देवी, भाई कमल किशोर और पूरा परिवार बेहाल हो गया. प्रयागराज के मजा के महेश कुमार भी शहीद हुए जवानों में शामिल हैं. महेश 118 बटालियन में तैनात थे. इस समय उनकी पोस्टिंग बिहार में थी.

शामली के बनत के लाल प्रदीप भी इस हमले में शहीद हो गए. उनके घर में कोहराम मचा हुआ है. डीएम और एसपी ने मौत की पुष्टि की है. शामली के एक और जवान अमित कुमार के भी शहीद होने की सूचना है. अमित कुमार शामली के रेलपार कॉलोनी के निवासी हैं. इसके अलावा मैनपुरी के करहल स्थित गांव विनायकपुर के सैनिक राम वकील भी शहीद हुए हैं.

देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के छपिया जयदेव गांव के विजय मौर्या भी हमले में शहीद हुए हैं. वे CRPF के 82 बटालियन कांस्टेबल पद पर तैनात थे. वाराणसी के मिलकोपुर के लाल रमेश यादव भी पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए हैं. मौत की सूचना पहुंचते ही घर में कोहराम मचा हुआ है.

कानपुर देहात का भी एक लाल शहीद हुआ है. कानपुर देहात के डेरापुर थाना के रैगवा के रहने वाले श्याम बाबू शहीद हो गए. जवान के शहीद होने की सूचना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है. मौत की सूचना मिलते ही परिजन बेसुध हो गए. बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई करते हुए ही 2007 में उन्होंने सीआरपीएफ ज्वाइन किया था. श्याम लाल के दो बच्चे हैं. एक लड़का 4 वर्ष का और एक लड़की पांच माह की है.

चंदौली का लाल अवधेश यादव भी शहीद हो गए. अवधेश यादव 45वीं बटालियन में तैनात था. रेडियो आपरेटर सिग्नल पद पर तैनात थे. जवान के शहीद होने की सूचना के बाद गाँव मे मातम पसरा हुआ है. शहीद की मां कैंसर से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से सूचना नहीं दी गई है. मुगलसराय कोतवाली के बहादुरपुर गांव के रहने वाले थे अवधेश.