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जम्मू-कश्मीर में जल्द हो सकते हैं विधानसभा चुनाव, घाटी के सभी नेता परिसीमन आयोग से चर्चा के लिए तैयार

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सेंट्रल डेस्क / अनू अस्थाना: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव को लेकर लम्बे उहाफोह के बाद संसदीय व विधानसभा सीटों के क्षेत्रों के पुनर्निधारण की जिम्मेदारी संभालने वाले परिसीमन आयोग की अगले सप्ताह होने वाली बैठक में जम्मू-कश्मीर के सभी दल शामिल होने के लिए राजी हो गए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस सहित घाटी में प्रमुख राजनीतिक दल आयोग के साथ चर्चा में भाग लेने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सर्वदलीय बैठक के बाद परिसीमन आयोग छह जुलाई से नौ जुलाई तक जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी दी। परिसीमन आयोग छह जुलाई से नौ जुलाई तक यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ वार्ता करेगा।

इसके अलावा परिसीमन आयोग वहां के प्रशासनिक अफसरों और आईजी स्तर के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा। आयोग जल्द से जल्द सीटों का परिसीमन करने की कवायद में जुटा है। सीटों के परिसीमन के बाद राज्य में विधानसभा चुनाव का एलान होगा। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि अगर उन्हें चर्चा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है तो पार्टी परिसीमन आयोग के सदस्यों से मुलाकात करेगी। उन्होंने कहा, हम परिसीमन की प्रक्रिया में शामिल होने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे न केवल दो क्षेत्रों (कश्मीर और जम्मू) के बीच बल्कि क्षेत्रों के भीतर भी निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दिल्ली जिस तरह से कश्मीर में जल्द से जल्द विधानसभा चुनाव कराना चाहती है, उसके लिए पहले हमें एक सक्षम वातावरण बनाना होगा। चुनाव के बहिष्कार का खंडन करते हुए उन्होंने कहा, ये समझना जरूरी है कि ऐसे एक्शन का कोई नतीजा नहीं निकला है। हमें इसका दूसरा पक्ष भी देखना चाहिए। ऐसे में विपक्षी दल की मुश्किलें और बढ़ सकती है। वहीं दूसरी ओर पीडीपी ने कहा है कि आयोग से चर्चा के लिए आमंत्रण मिलने के बाद ही भागीदारी के मामले पर चर्चा की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने परिसीमन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर दिया था जोर
उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय परिसीमन आयोग का गठन पिछले साल फरवरी में किया गया था। यह पूर्व निर्धारित एक साल के समय में अपना काम पूरा नहीं कर सका और उसे अब एक और साल का विस्तार दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह ही जम्मू-कश्मीर के मुख्य धारा के राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक में जोर दिया था कि परिसीमन की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाएगा, जिससे केंद्र शासित क्षेत्र में चुनाव हो सकें।

जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीट 107 से बढ़कर 114 हुई
प्रधानमंत्री की बैठक से ठीक एक दिन पहले परिसीमन आयोग के सचिवालय ने जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ 5-5 के समूह में वर्चुअल बैठक की थी। बैठक में जम्मू-कश्मीर में व्यवहारिक तौर पर 90 सीटों के जिलेवार सीमांकन पर चर्चा हुई, लेकिन अनुच्छेद 370 हटने के बाद नए कानून के मुताबिक जम्मू-कश्मीर राज्य में कुल विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 कर दी गई है। 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं इसलिए 90 सीटों पर ही अभी परिसीमन होगा।

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