यूपी में कोरोना का कहर, छह हजार से ज्यादा संक्रमित -40 की हुई मौत, लखनऊ में 1333 नए मरीज

स्टेटडेस्क : उत्तर प्रदेश में बुधवार को कोरोना से संक्रमित 6023 नए रोगी मिले है। वही 40 मरीजों की मौत हो गई है। तक़रीबन सात महीने बाद एक दिन में इतनी अधिक संख्या में मरीज मिले हैं। बीते वर्ष 13 सितंबर 2020 को इससे भी अधिक 6,239 मरीज मिले थे। अब तक एक दिन में सर्वाधिक 7,103 रोगी 11 सितंबर 2020 को मिले थे। बीते 24 घंटे में 1.86 लाख लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया। हालांकि प्रदेश के 55 जिलों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। स्टांप व न्यायालय शुल्क और पंजीयन राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल भी संक्रमित हो गए हैं। वहीं भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल की एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजे गये है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को कम से कम सात से 10 दिनों तक घर पर ही रहकर कोविड टेस्ट कराने को कहा है। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 31,987 हो गई है।

हालांकि इन मरीजों में से 18,679 रोगी अपने घरो में रहकर यानी होम आइसोलेशन में अपना इलाज करा रहे हैं। जबकि 668 रोगी प्राइवेट अस्पतालों में और बाकी मरीज कोरोना के सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। बुधवार को फिर लखनऊ में सबसे ज्यादा 1333 रोगी मिले। राजधानी में सबसे ज्यादा कुल 8,852 रोगी हैं। अब तक प्रदेश में कुल 6.34 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जिसमें 6.04 लाख रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। अब रिकवरी रेट घटकर 95.4 फीसद हो गया है।प्रदेश में सात मार्च को कोरोना के कुल 1647 मरीज थे। वही अब मरीजों की बढ़कर कुल संख्या 31,987 हो गई है। यानी एक महीने में कुल 30,340 मरीज बढ़ गए हैं। मरीजों की संख्या में करीब 19 गुना ज्यादा हुई है। वर्ष 2020 के मुकाबले कोरोना बुधवार को 21 साबित हो गया। राजधानी लखनऊ में एक दिन में सर्वाधिक 1333 संक्रमित पाए गए हैं। वहीं पिछले वर्ष 2020 रोजाना संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या 1300 के आंकड़े को पार नहीं कर सकी थी। मगर 2021 में मार्च की शुरुआत से ही कोरोना ने घातक रुख अख्तियार कर लिया है।

बुधवार को छह संक्रमितों की मौत हो गई। पिछले वर्ष 18 सितंबर को सर्वाधिक 1244 लोग संक्रमण की चपेट में आए थे। विशेषज्ञों के बताया कि अगले तीन से चार सप्ताह में संक्रमितों की संख्या और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं। वही सीएमओ डा. संजय भटनागर ने कहा कि सभी लोग घर से बाहर जाये तो मास्क जरूर लगाएं। हजरतगंज स्थित एक निजी बैंक के 11 कर्मचारी संक्रमित हुए हैं। वही बलरामपुर अस्पताल के चार डाक्टर व पांच कर्मचारी और संक्रमित हो गए हैं। एक हफ्ते में तक़रीबन 20 डाक्टरो का स्टाफ संक्रमण की चपेट में आ चुका हैं। यहां लैब के कर्मी भी संक्रमित होने से जांच पर संकट गहरा गया है। बुधवार को 469 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। निदेशक डा. राजीव लोचन ने केजीएमयू से जांच समय से मुहैया कराने की गुजारिश की है। वहीं, सिविल में भी कोरोना जांच कराना मुश्किल हो गया है। अब यहां जांच कराने वालों को टोकन दिया जाएगा।

निदेशक डा. सुभाष एस सुंदरियाल के मुताबिक स्क्रीनिंग के बाद डाक्टर मरीजों की कोविड जांच लिखेंगे। सीधे किसी मरीज की जांच नहीं की जाएगी। वही किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय कुलपति डा. बिपिन पुरी के बाद उनके कार्यालय के दस अन्य कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। जिसमे सभी संक्रमित कर्मचारी होम आइसोलेशन में हैं। कुलपति कार्यालय में बड़ी संख्या में डाक्टर व कर्मचारियों का आवागमन रहता है जिसके कारण अन्य कर्मियों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मंगलवार को कुलपति डा. बिपिन पुरी में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद कार्यालय में तैनात 28 कर्मचारियों की जांच हुई जिसमें से दस लोग संक्रमित मिले। इसमें लिपिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। वहीं बोर्ड रूम समेत दूसरे कक्ष में डाक्टरों के संग बैठकें होती हैं। सूत्रों के मुताबिक सोमवार और मंगलवार को भी बैठकें हुई हैं जिसमें से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चाय-पानी देते हैं। ऐसे में डाक्टरों व अन्य कर्मियों में संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। उधर कुलपति कार्यालय में 28 में से 10 कर्मचारियों के संक्रमित होने के चलते कामकाज प्रभावित हो रहा है।