बैंकों, पीएफ और वाणिज्यकर कार्यालय में कोरोना का कहर,17 की जान गई

कानपुर / अनू अस्थाना : कानपुर में अलग-अलग बैंकों, पीएफ कार्यालय, वाणिज्यकर और श्रम विभाग में कोरोना कहर बरपा रहा है। पिछले दो हफ्ते में बैंकों में 250 कर्मचारी और अधिकारी संक्रमित मिले हैं। इसमे से 17 अधिकारियों और कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा वाणिज्यकर में 50, पीएफ कार्यालय में 24 और श्रम विभाग में सात कर्मचारी संक्रमित हैं।


इस दौरान पीएफ विभाग में कैंटीन संचालक समेत चार कर्मचारियों की कोरोना से मौत हुई है। इतनी बड़ी संख्या में अफसर और कर्मियों के संक्रमित होने और मौतों के बाद भी मतगणना में ड्यूटी लगाने पर कर्मचारियों में रोष है। बैंक संगठन भी सरकार और बैंक प्रबंधन की नीतियों से नाराज हैं। उत्तर प्रदेश बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता ने बताया कि शहर में अलग-अलग बैंकों की 650 से अधिक शाखाएं हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, स्टेट बैंक इंडिया समेत सभी बैंकों में कोरोना के 250 मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही प्रतिदिन किसी न किसी शाखा में स्टाफ के संक्रमित होने की सूचना आ रही है। जिससे बैंक कर्मियों के साथ साथ ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि बैंक प्रबंधन ने समय पर कदम उठाए होते तो इतना बड़ा संकट न होता।

वहीं श्रम विभाग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने कहा कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने के बाद सबसे अधिक कर्मचारी संक्रमित हुए हैं। अब मतगणना होने वाली है। जिसके लिए कर्मचारियों को मतगणना का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, लेकिन यहां कहीं भी सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा जा चुका है, बाजूद इसके यहां कोई व्यवस्था नहीं हैं। ईपीएफ स्टाफ यूनियन के महामंत्री राजेश शुक्ला ने बताया कि विभाग की कैंटीन में पहले दो कर्मचारियों को कोरोना हुआ और फिर उनकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे विभाग में कर्मचारी-अधिकारी संक्रमित हो गए। विभाग में अब तक कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग घर से काम कर रहे हैं। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष और अन्य संगठनों ने कंटेनमेंट जोन घोषित करने की मांग उठाई है।