33.1 C
Delhi
Homeउत्तर प्रदेशयूपी की पॉलिटिकल पिच पर घूमती गेंदों को खूब लपक रहे हैं...

यूपी की पॉलिटिकल पिच पर घूमती गेंदों को खूब लपक रहे हैं हैदराबादी विकेटकीपर ओवैसी

- Advertisement -

-मुख्तार अंसारी को टिकट ऑफर कर बसपा को दिया करारा झटका
-मुसलमानों में बांट दिया मनमाफ़िक मैसेज, सपा पहले से ही है ओवैसी से त्रस्त
-भाजपा के बल्ले से फिसले राजभर को लपक लिया था पर गेंद की गई ‘नो बाल’

स्टेट डेस्क/अनूप बाजपेयी: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पिच पर सूबाई पॉलीटिकल पार्टियों की घूमती गेंदों को हैदराबादी विकेटकीपर बड़े करीने से अपने दस्तानों में समेट रहा है और हाउ इज दैट की अपील की जगह पूछ रहा है ‘कहो कैसी रही’।

आज दोपहर इस विकेटकीपर ने जो सबसे शार्प कैच पकड़ा वो है अब माफिया घोषित विधायक रहे मुख्तार अंसारी का। कैच करने का तरीका इतना शानदार कि एक नहीं तीन तीन राजनीतिक दल अवाक हैं। मालूम हो कि सुबह ही बहुजन समाज पार्टी की कप्तान मायावती ने ट्वीट कर जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को पार्टी का टिकट न देने की घोषणा की थी जबकि कुछ ही दिनों पहले मुख्तार अंसारी का परिवार बसपा में शामिल हुआ था।

सूबाई राजनीति में माहिर‌ मायावती ने अंसारी का मुद्दा पॉलिटिक्स की पिच का माहौल ताड़ कर उछाला पर विकेट के पीछे खड़े एआईएमआईएम के अगुआ असदुद्दीन ओवैसी ने इस डाइव मार कर लपक लिया और मामला बना दिया मुस्लिम अस्मिता का। एआईएमआईएम के प्रवक्ता वसीम वकार ने ओवैसी के इशारे पर तुरंत बयान‌ जारी करके कहा कि मुख्तार अंसारी को उनकी पार्टी टिकट देगी। वो चाहे मऊ ये चुनाव लड़ें यहां यूपी में किसी भी विधानसभा क्षेत्र से।

असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि जब मुख्तार अंसारी काम के थे तब उन्हें सपा और बसपा दोनों दलों ने अपनाया और अब जब उनसे राजनीतिक विद्वेष निकाला जा रहा है तब इन दलों ने उनसे किनारा कर लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एआईएमआईएम इस मामले को भुनाएगी और मुसलमानों को समझाएगी कि मुख्तार अंसारी की ही तरह उन्हें भी सिर्फ वोटों की मशीन समझा जाता है। कभी उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर को उपर उठाने के बारे में नहीं सोचा जाता है।

ओवैसी के इस कदम से बसपा और सपा के साथ-साथ कांग्रेस भी अवाक है और अब भविष्य में किसी भी निर्णय से पहले उन्हें एआईएमआईएम की सूबे में बढ़ती मौजूदगी और राजनीतिक दखलंदाजी के बाबत सोचना पड़ेगा।

ओवैसी इसके पहले भारतीय जनता पार्टी के बल्ले से फिसले ओम प्रकाश राजभर को कैच कर चुके थे पर अम्पायर अपना होने के कारण उसे नो बाल करार‌ दे दिया गया और राजभर का पेंच फंस गया। असदुद्दीन ओवैसी समाजवादी पार्टी के लिए सिरदर्द बने ही हुए हैं क्योंकि ओवैसी मुस्लिम समुदाय में अपनी पैठ‌ बढ़ाते जा रहे हैं। कई मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी जनसभाएं कर मुस्लिम मतों को अपने दस्तानों से लपक कर एआईएमआईएम की झोली में डालते जा रहे हैं। चुनाव में वैसे तो अभी चार महीने हैं पर यूपी की ये पॉलिटिकल पिच अभी कई रोचक टर्न लेगी इतना तो तय है।

- Advertisement -


- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -