जन्मदिवस पर आवारा कुत्तों को लगाया एंटी रेबीज टीकाकरण

कानपुर/दिवस पाण्डेय : भारत में प्रति वर्ष 18,000 से लेकर 20,000 लोगों की मृत्यु रेबीज के कारण होती है।  रेबीज एक संक्रमण बीमारी होती है, जो जानवर की लार से फैलती है। यह न्यूरोट्रोपिक लाइसिसिवर्स वायरस से फैलता है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह एक खतरनाक संक्रमण है! अगर कोई कुत्ता रेबीज वायरस से ग्रसित है और अगर कुत्ता गली के किसी दूसरे कुत्ते या अन्य जानवर को या इंसान को काट लेता है तो उसे भी रेबीज हो जाने की पूरी संभावना होती है।

इंसान को अगर कुत्ता काटता है तो 24 घंटे में उसे अपना एंटी रेबीज का टीकाकरण करा लेना चाहिए। कुत्तों को अगर एंटी रेबीज का टीकाकरण मिल जाता है तो वह इस वायरस से 1 साल तक पूरी तरीके से सुरक्षित रहते हैं। इसलिए खुद की सुरक्षा और गली के बेसहारा पशुओं की सुरक्षा के खातिर सेवा दान फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष त्रिपाठी जी के द्वारा उनके जन्मदिवस पर गली के बेसहारा कुत्तों को एंटी रेबीज का टीकाकरण निःशुल्क किया गया। इस टीकाकरण अभियान में संस्था के वालंटियर अमन शुक्ला, हर्षित अवस्थी और सक्षम उपस्थित रहे| इन सभी की मदद से 50 से अधिक श्वानो का टीकाकरण किया गया।