बांग्लादेशी अपहरण मामले में 10 साल सजा सुनाई गई

कानपुर /प्रतिनिधि : रोहिंग्या मुसलमानों को दस साल की कैद की सजा सुनाई गई है। 2019 में कानपुर सेंट्रल पर दोनों आरोपियों को बांग्लादेशी किशोरी के अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में  पकड़े गए अब्दुल रज्जाक और मो अयाज ने बताया था कि वह बांग्लादेश और  म्यांमार निवासी हैं। दोनों आरोपी बांग्लादेश की एक किशोरी  को बेचने के लिए दिल्ली ले जा रहे थे। दोनों के पास पासपोर्ट और वीजा भी नहीं मिला था।

इसके चलते आरोपियों को जेल भेज दिया गया था  जबकि किशोरी को नारी निकेतन के हवाले किया गया था।खुफिया एजेंसियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ में पता चला कि बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल रज्जाक  म्यांमार के मोहम्मद अयाज  के साथ नदी-नालों के रास्ते पश्चिम बंगाल बॉर्डर से भारत में दाखिल हुआ था। आज एडीजे 7 की कोर्ट ने आरोपी बंगलादेशी युवक को 10 साल की सजा सुनाते हुए सात हजार के अर्थदंड का भी आदेश दिया। वहीं दूसरे आरोपी को 5 साल की सजा और अर्थ दंड सुनाया है।