निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारियों ने की हड़ताल

कानपुर/फैज़ान हैदर : बैंक कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ दो दिवसीय हड़ताल के साथ प्रदर्शन किया वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में बैंक के कर्मचारियों ने नारे लगाए।


आप को बता दे कि बजट 2021 के भाषण के दौरान कहा था कि केंद्र सरकार इस साल 2 सरकारी बैंकों और एक इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण करेगी| सरकार ने साल 2019 में भारतीय जीवन बीमा निगम में आईडीबीआई बैंक की बहुलांश हिस्‍सेदारी बेची थी| पिछले 4 साल में 14 सार्वजनिक बैंकों का विलय भी किया गया है| इसके बाद फिलहाल देश में 12 सरकारी बैंक हैं| वहीं दो बैंकों का वित्‍त वर्ष 2021-22 में निजीकरण होने के बाद इनकी संख्या 10 रह जाएगी|

देश के दो बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव के खिलाफ यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के तहत 9 यूनियन ने आज यानी 15 मार्च और कल यानी 16 मार्च 2021 को हड़ताल का ऐलान किया है| ऑल इंडिया बैंक एम्पलाॉइज एसोसिएशन के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने दावा किया था कि करीब 10 लाख बैंक के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे| पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक समेत कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल की वजह से 30 करोड़ रुपये का कामकाज पर असर पड़ने की जानकारी दी थी|