प्रशिक्षण के नाम पर महामारी को आमंत्रित कर रहा बेसिक शिक्षा विभाग

कानपुर/प्रशांत मिश्रा : सीतापुर के बेहटा विकासखंड में हो रहे प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर के कोरोना पाॅजिटिव निकलने के बाद दर्जनों टीचर महामारी के दायरे में आ गये। अधिकारियों ने प्रशिक्षण बंद कराकर सभी को जांच कराने के आदेष दिये है। घटना से महानगर शिक्षा विभाग ने सबक नहीं लिया और सभी ब्लाकों में दर्जनों टीचरों को बुलावकर प्रशिक्षण कार्य चालू करा दिया। प्रशिक्षण केन्द्र में कोविड लाइन की गाइडलाइन को भी फालों नहीं किया जा रहा। सेनटाइजर की व्यवस्था भी नहीं की गयी है। जबकि, बेसिक शिक्षा अधिकारी पवन तिवारी स्वंय ही पिछले दो दिनों से महामारी की चपेट में है। श्री तिवारी का घर पर रखा गया है और इलाज हो रहा है। प्रभारी बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में अनभिज्ञ है।

उनका कहना है कि वे इस संदर्भ में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग युद्धस्तर पर मेडिकल टीम के माध्यम से वैक्सीन लगाने का कार्य कर रहा है। लेकिन होली पर्व के बाद तेजी से संक्रमण में इजाफा हुआ है। वस्तु स्थिति को भांपकर सीएम के आदेश पर रात दस बजे से सुबह छह बजे तक घूमने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं डीएम आलोक तिवारी ने सभी स्कूलों को सुरक्षा के लिहाज से बंद करा दिये है। वावजूद बेसिक शिक्षा विभाग महानगर के दस ब्लाकों में टीचरों का झुंड बुलाकर प्रशिक्षण की औपचारिकता कर रहा है। दर्जनों की संख्या में टीचर ब्लाक में एकत्र होकर सुबह दस बजे से देर शाम चार बजे तक प्रशिक्षित हो रहे है। ट्रेनिंग सेंटर पर सेनीटाइजर की व्यवस्था भी नहीं की गयी है। न ही उचित दूरी का पालन हो पा रहा है। सिर्फ महामारी से बचने के लिए टीचर स्वंय ही मास्क लगाएं है। एक कमरे या फिर बीआरसी में इतना समूह एकत्र होना कहीं न कहीं महामारी को आमंत्रित कर रहा है।

बावजूद इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है। जबकि, सीतापुर की घटना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। सुबह से देर शाम तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में न तो सेनीटाइजर की व्यवस्था है और न ही महामारी के नियमों का पालन हो पा रहा है। जबकि वर्तमान समय में कोरोना महामारी तेज गति से बढ रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग व आलाधिकारी वैक्सीन अधिक से अधिक लोगों को लगे इसके लिए बडे स्तर पर व्यवस्था कर रखी  है। बावजूद वैक्सीनेशन की गति से तेजी संक्रमण की गति चल रही है। कोरोना काल में नियमानुसार किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भीड को एकत्र नहीं होना है। वावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी स्वयं प्रशिक्षण के नाम पर एक साथ दर्जनों टीचरों को एक कमरे में बैठाकर ट्रेनिंग का काम कर रहे है। जबकि, इस प्रशिक्षण के दौरान सीतापुर में दर्जनों शिक्षक कोरोना पाॅजिटिव हो गये। विभागीय सूत्रों की मानें तो, प्रशिक्षण के नाम पर विभाग में मोटा बजट आता है।

जिसे खपाने के लिए इस तरह के कार्य की औपचारिकता होती है। विधनू ब्लाक के एबीएसए कार्यालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण का कार्यक्रम तेजी से चल रहा है। प्रतिदिन दर्जनों शिक्षक महामारी काल में एकत्र हो रहे है। हालांकि टीचर अपनी सुरक्षा व्यवस्था के तह्त मास्क व सेनीटाइज कर रहे है। लेकिन विभाग की तरफ से कोई भी गाइडलाइन पूरी नहीं की जा रही है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कोरोना काल मेें विभाग स्वंय ही महामारी को आंमत्रित कर रहा है| बयान-प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजनारायण कुशवाहा ने कहा कि प्रशिक्षण के संदर्भ में एबीएसए से बात करें। वे सिर्फ औपचारिकता के लिए प्रभार में है।