बिकरू कांड : 12 पुलिस वाले दोषी साबित, हो सकती है बर्खास्तगी

कानपुर/फैज़ान हैदर : बिकरू कांड में फंसे 12 और पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। एडीसीपी शिवाजी शुक्ला ने इन सभी की जांच कर एडीजी जोन कानपुर भानु भास्कर को रिपोर्ट भेज दी है। बिकरू कांड में 50 से अधिक पुलिसकर्मी एसआईटी की जांच में फंसे थे। इसमें से 15 पुलिसकर्मियों की जांच एडीसीपी शिवाजी शुक्ला को सौंपी गई थी। एक पुलिसकर्मी की मौत हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक जांच में 12 पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। इन सभी पर विकास दुबे, जय बाजपेई व उनके गुर्गों के असलहों के लाइसेंस में सत्यापन रिपोर्ट पक्ष में लगाने, आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप थे। दंड मिलने के बाद अफसर इन सभी के नाम सार्वजनिक करेंगे।


एसआईटी ने पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी, दरोगा केके शर्मा, दरोगा अजहर इशरत, दरोगा कुंवर पाल सिंह, दरोगा विश्वनाथ मिश्रा, दरोगा अवनीश कुमार सिंह, सिपाही अभिषेक कुमार और सिपाही राजीव कुमार को वृहद दंड के तहत दोषी पाया था। विभागीय जांच एडीसीपी साउथ दीपक भूकर कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच में इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। विकास दुबे के साथ सांठगांठ और दबिश की मुखबिरी करने की पुष्टि हुई है। सूत्रों ने बताया कि इनमें से कई पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा।

लघु दंड के तहत दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों की जांच पूर्व डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने की थी। इसमें इंस्पेक्टर राममूर्ति यादव, दरोगा दीवान सिंह, सिपाही लायक सिंह, सिपाही विकास कुमार, सिपाही कुंवर पाल सिंह दोषी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। सूत्रों के मुताबिक इन सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि दंड के रूप में मिलेगी। उधर जांच में फंसे सीओ की जांच कर रहे एडीसीपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार भी जांच लगभग पूरी कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक सीओ भी दोषी पाए गए हैं।