रिमझिम इस्पात कंपनी का सराहनी कदम, एक रुपये में दे रही ऑक्सीजन सिलिंडर

कानपुर/आशुतोष त्रिपाठी। हमीरपुर में भरुआ सुमेरपुर स्थित रिमझिम इस्पात कंपनी ने ऑक्सीजन का महज एक रुपये प्रति सिलिंडर मोल लेकर दरियादिली दिखाई है। एक रुपये इसलिए कि उनके दान की कालाबाजारी न हो सके। शहर के अस्पतालों को पहले 350 सिलिंडर मिल रहे थे। लेकिन शुक्रवार को 700 सिलिंडर भेजे गए है। रिमझिम इस्पात के स्टेनलेस स्टील के प्लांट में आक्सीजन की जरूरत होती थी।


इसलिए इंडस्ट्रियल उत्पादन का लाइसेंस लेकर प्लांट तैयार कराया था। लेकिन कोरोना संक्रमण के दौरान आक्सीजन की किल्लत हो रही थी। डीएम हमीरपुर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की पहल पर उखड़ रहीं सांसों को बचाने के लिए आगे आए है। कंपनी के प्रबंध निदेशक योगेश अग्रवाल और निदेशक रोहित अग्रवाल ने कमाई करने के बजाय समाजसेवा का रास्ता अपनाया है । महज एक रुपये में यहां से कानपुर, बांदा, हमीरपुर, झांसी समेत छह शहरों के उन लोगों व अस्पतालों को एक हजार सिलिंडर प्रतिदिन दिए जाने लगे, जिन्हें जरूरत थी। रोहित बताते हैं कि जिस अस्पताल या नर्सिंग होम को सिलिंडर देते हैं, उसे बिल जारी करते हैं। लिखापढ़ी में आने से कालाबाजारी बंद हो जाएगी। इसके बाद प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना गुरुवार को प्लांट पहुंचे और दोगुनी क्षमता की अनुमति वहीं बैठे-बैठे दिलाई।

शुक्रवार को यहां पौने दो हजार सिलिंडर भरे गए। एक-दो दिन में यह क्षमता दो हजार हो जाएगी। हमीरपुर में रिमझिम इस्पात ने डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की पहल पर 19 अप्रैल को अपने प्लांट से 24 नोजल से आक्सीजन सिलिंडर भरना शुरू कर दिया था। जो औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के प्रयासो से बढ़कर 96 हो गए हैं। शुक्रवार को 71 नोजल शुरू किये गए है। उल्लेखनीय है कि रिमझिम इस्पात ने फैक्ट्री में इस्तेमाल करने के लिए तक़रीबन 10 साल पहले 80 करोड़ रुपये की लागत से आक्सीजन प्लांट बनवाया था। जब यह प्लांट बनने को लेकर विवाद भी हुआ था।

आज वही प्लांट वरदान साबित हो गया है। जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। फैक्ट्री मैनेजर मनोज गुप्ता ने कहा है कि बांदा मेडिकल कॉलेज को भी प्रतिदिन 200 सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। उप्र सरकार औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया है कि अभी तक प्लांट में एक हजार भरे जाने वाले सिलिंडरो में साढ़े तीन सौ ही कानपुर को मिल रहे थे। वही अब सात सौ सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। रिमझिम इस्पात निदेशक रोहित अग्रवाल से मिली जानकारी के अनुसार बढ़ी क्षमता पर उत्पादन शुरू कर दिया है। शुक्रवार को पौने दो हजार सिलिंडर भरे गये है। एक-दो दिन में दो हजार सिलिंडर भरे जाने लगेंगे।