कोरोना ने लगाया वैवाहिक आयोजन पर ग्रहण

कानपुर/अखिलेश मिश्रा : होली के बाद अचानक संक्रमण के केस में इजाफा होने से अप्रैल माह में होने वाले विवाह समारोह के आयोजनों पर ग्रहण लग गया है।प्रशासन की नयी गाइडलाइन के अनुसार,अधिकतम 100 मेहमानों को समारोह में हिस्सा लेने को कहा गया है। समारोह स्थल को भी महामारी अधिनियय के अन्तर्गत बनाएं गये निर्देश का पालन करना है।


चूकिं अप्रैल में माह में जिन परिवारों में विवाह समारोह थे। उनके कार्ड पहले ही बंट गये है। सभी से फुल फैमली के साथ आने के लिए आग्रह किया गया था। लेकिन सरकारी गाइडलाइन आने के बाद स्थिति दयनीय हो गयी है। वर पक्ष अब मेहमानों को कम संख्या में आने के लिए नहीं कह सकता, जबकि कान्यपक्ष कम बरातियों के साथ आने का प्रेशर बना रहा है। ऐसे में परिवारों के बीच असमंजस की स्थिति बन गयी है।अप्रैल माह में विवाह समारोह की 16, 17, 19, 24, 25 व 29 प्रमुख है।

इन तिथियों में जिन परिवारों में कार्यक्रम होना था वे कई माह पहले लाॅन, गेस्टहाउस व होटलों को बुक करा चुके है। अब कोविड नियम आने के बाद अचानक मेहमानों की सूची में कैंची चलाना कठिन हो गया है। वस्तु स्थिति को देखकर वर-कान्या परिवार के लोग आपस में मिलकर बीच का रास्ता बनाने का प्रयास कर रहे है। अधिकांश परिवार हालातों के साथ समझौता करके एक ही दिन में बरीक्षा, गोदभरायी, तिलक व शादी करने की नयी योजना बना रहे है। कुछ फैमलियां तिथि आगे बढाने पर विचार कर रही है। कुछ परिवार फिलहाल समारोह का टालने का मन बना रहे है।

सबसे अधिक परेशानी लाॅन मालिक व होटल संचालकों के बीच उत्पन्न हो गयी है। पैसा वापसी के नाम पर स्थिति खराब है। संचालक आगे की तिथियों में कार्यक्रम कराने की बात कह रहे है। फिलहाल कोरोनाकाल के कारण परिवार होटल संचालकों के बीच स्थिति खराब हो रही है। महानगर के होटल मालिकों का कहना है कि बुकिंग में जो भी राशि आती है वह कार्यक्रम तिथि के हिसाब से वितरित कर दी जाती है। सभी के पैसा पैसा पहुँच गया है ऐसे में सिर्फ समझौता की स्थिति ही बनती है।