कोरोना वायरस : कानपुर में 12 वर्षीय संदिग्ध बच्ची को संक्रामक रोग वार्ड में भर्ती कराया गया,डॉक्टरों ने नमूना जांच के लिए भेजा

कानपुर /प्रतिनिधि : कानपुर में 12 वर्षीय बच्ची जिसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसे कानपुर के मेडिकल कॉलेज के संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।डॉक्टरों ने जांच के लिए नमूना लेकर उसे जांच के लिए भेज दिया|


बता दे कि अब तक कुछ छह नमूने लिए गए, जिनमें पांच की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उधर, संक्रामक रोग अस्पताल में ही पांच वर्षीय बच्चे को स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते भर्ती किया गया है। उसका भी सैंपल लिया है। उधर, 60 प्रभावित देशों से लौटे 60 लोग निगरानी में हैं।

दो लोगों ने कुछ दिक्कत महसूस की है, इसलिए उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी 12 साल के बच्ची के विदेश जाने की हिस्ट्री नहीं है

मगर दिल्ली से उसके घर कुछ लोग आए थे। उनमें दो सऊदी अरब से लौटे थे। इसी आशंका के चलते टीम ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बाल रोग विशेषज्ञों ने उसकी निगरानी शुरू कर दी है। वहीं, सौरिख कन्नौज निवासी बच्चे को सीने में जकड़न और निमोनिया की शिकायत के बाद संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसे स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं।

महामारी रोग वैज्ञानिक डॉ. देव सिंह ने स्क्रीनिंग की और परिजनों से विदेश जाने का रिकॉर्ड लिया है। उनके मुताबिक बच्ची को कड़ी निगरानी में रखा गया है। उसे संभव है स्वाइन फ्लू हो क्योंकि विदेश जाने की कोई हिस्ट्री नहीं है। सीएमएस डॉ. अनूप कुमार शुक्ला का कहना है कि दवाओं, रैपिड किटों और अन्य संसाधनों की कमी नहीं है।

24 घंटे मरीजों की देखरेख की जा रही है। 500 रैपिड प्रोटेक्टशन किट मंगाईं: संक्रामक रोग अस्पताल में 100 वायरल मीडिया मंगाई गई है।उसकी पहली खेप आ गई। वायरल मीडिया के जरिए सैंपल लखनऊ और पुणे भेजे जाएंगे। साथ ही रैपिड रेस्पांस टीम के लिए 500 प्रोटक्शन किट भी मंगाई गई है। अभी 100 प्रोटेक्शन किट उपलब्ध है। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक 1000 एन-95 मास्क भी आएंगे। दो बार में यह ऑर्डर दिए गए थे।

स्वाइन फ्लू के साथ दूसरे फ्लू और डायरिया-चिकनपॉक्स पर भी नजर कोरोना को लेकर जारी हाई अलर्ट में संशोधन किया गया है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी नए अलर्ट में निर्देश दिया है कि अब महामारी फैलाने वाली हर किसी संक्रामक बीमारी जिसमें डायरिया, चिकनपॉक्स, डिप्थीरिया, इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर कड़ी निगरानी की जाए। अगर पांच से अधिक मरीज किसी जगह मिल रहे हैं तो सावधानी की जानी चाहिए।

नई एडवाजरी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। शहरी इलाकों के सभी 18 जोनों के कर्मचारियों और संसाधनों को जोनवार बांटा गया है। जिला मलेरिया नियंत्रण टीम भी लगी है। 11 बिंदुओ की सूची पर ब्योरा बनाया गया है इसमें दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के ट्रांसपोर्ट से सम्बंधी तैयारी, मरीज को अगर कानपुर से दूसरे जिलों या दिल्ली भेजा जाना है तो उसके लिए क्या किया जाना चाहिए? इस सम्बंध में संचारी रोग नियंत्रण में लगे दो एसीएमओ डॉ.सुबोध प्रकाश और डॉ.अरविंद यादव ने कंट्रोल रूम पहुंचकर स्थितियों की पड़ताल की है।

संचारी रोग नियंत्रण टीम मच्छरों को भी पकड़ रही। उसे जांच के लिए पीजीआई भेजा जाएगा। ताकि यह पता लगाया जा सके कि मच्छरों के साथ कोई घातक वायरस तो नहीं संक्रमित कर रहा है? सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला के मुताबिक किसी भी तरह के संचारी रोगों को फैलने से रोका जाएगा सभी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वैसे डायरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू और दिमागी बुखार समेत अन्य बीमारियों से हाई रिस्क एरिया में सर्विलांस टीम लगी है।

एयरपोर्ट पर यात्रियों को भरना होगा घोषणा पत्र

नई गाइडलाइन के तहत एयरपोर्ट पर उतरने वाले लोगों को अब एक घोषणा पत्र भरना होगा। अभी तक आने वालों से मौखिक तौर पर पूछा जा रहा था कि उनके विदेश से लौटने की हिस्ट्री तो नहीं है? अब लोगों से एक फार्म भरवाया जाएगा।