होली के त्यौहार पर पड़ी महंगाई की मार

कानपुर/दिवस पाण्डेय : होली के त्योहार पर इस बार महंगाई की जबरदस्त मार पड़ी है। खाद्य सामग्रियों की आसमान छूती कीमतें इस वर्ष होली पर्व की मिठास फीकी करती दिख रही हैं। होली के समय दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है।


पिछले वर्ष की होली के मुकाबले इस साल इस त्योहार में हर एक सामान की कीमतें बढ़ी है और महंगाई आसमान छूती जा रही है| घरेलू महिलाओं का किचन का बजट पूरी तर से बिगड़ गया है। इस बार की होली में महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष 2020 की तुलना में इस बार कड़वा तेल और रिफाइंड में 800 रुपए प्रति टीन की तेजी आ गई है, जिससे लोग पूरी तरह बेहाल हो चुके हैं।

दुकानदारों की मानें तो बाहर से आने वाले सोयाबीन ऑयल व कड़वे तेल की कमी हो गई है। पिछली होली में 1200 रुपए प्रति टीन सोयाबीन तेल खरीदा था, जो कि इस बार 2000 पार पहुंच गया है। वहीं रिफाइंड तेल की बात करें तो जो पिछली बार 1400 प्रति टीन का रेट था, वो इस बार 2100 पार हो गया है| ऐसे में आम जनता किस तरह से अपना त्यौहार मनाए यह सोचने का विषय हो गया है। कलेक्टरगंज व्यापारी प्रशांत गुप्ता बताते हैं कि पिछले वर्ष से इस वर्ष व्यापार मे महंगाई के कारण बाहर व लोकल के व्यापारी माल कम खरीद रहे हैं। पिछले वर्ष होली में व्यापार ठीक था इस वर्ष कड़वा तेल, रिफाइंड, डालडा घी के बढ़ते रेट के कारण लोग कम माल खरीद रहे हैं। वही बाहर से भी माल नहीं आ पा रहा है।