कोरोना टीके की किल्लत से कैसे सफल होगा वैक्सीन उत्सव

कानपुर/विकास वाजपेयी/ : प्रदेश के लगभग सभी कोरोना टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन की कमी से लोगो मे नाराज़गी देखी जा सकती है, वही कानपुर शहर के उर्सला और हैलट अस्पतालों के टीकाकरण केंद्रों पर लोगो ने बवाल मचाया। हालांकि सरकार के स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि लोगों में जबर्दस्त उत्साह के चलते वैक्सीन की कमी हो गई थी जिसको 11 से 14 अप्रेल से शुरू होने वाले वैक्सीन उत्सव से पहले दुरस्त कर लिया जाएगा।


कानपुर के 10 कोरोना टीकाकरण केन्द्रों में प्रशासन की तरफ से हर दिन 2210 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन स्वस्थ विभाग आधे से कुछ ज्यादा लोगों को ही टीके की डोज़ उपलब्ध करा पा रही है। कई लोगों को रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी वैक्सीन की खुराक नहीं दी सकी जिससे टीकाकरण कराने पहुचे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया। शहर के प्रमुख टीकाकरण केंद्रों जैसे उर्सला और हैलट, काशीराम अस्पताल में काफी संख्या में लोग सुबह से अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे लेकिन जब उनको यह मालूम चला कि पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन केंद्र में उपलब्ध ही नहीं है तो लोगो ने स्वस्थ विभाग के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।

हालांकि इस इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद कानपुर जिले के मुख्य स्वस्थ अधिकारी डॉ अनिल कुमार मिश्रा कुछ भी बोलने से बचते रहे। वही अपर निदेशक स्वस्थ डॉ गिरीश कुमार मिश्रा के अनुसार पहले लोगों में वैक्सीन के संबंध में कुछ भ्रांतियां रही थी, जिस कारण कई जगह वैक्सीन की बर्बादी भी देखी गई लेकिन लोगों में धीरे धीरे जागरूकता आई है और जब से सरकार ने कोरोना टीकाकरण की उम्र घटा कर 45 कर दी है तब से काफी संख्या में लोग वैक्स‍िनेशन के लिए पंजीकरण करा रहे हैं। हालांकि जानकारों के मुताबिक कोरोना की दूसरी तेज़ पकड़ती लहर को देख कर लोगों में वैक्सीन के प्रति विश्वास गहरा हुआ है।

हालांकि वैक्सीन की कमी और 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक चलने वाले वैक्सीन उत्सव के सफल आयोजन को लेकर सरकार में बेचैनी है। इस मामले में कानपुर शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों की समीक्षा के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कैबिनेट के दूसरे सहयोगियों और जिले के अशिकारियो के साथ बैठक की। चिकित्सा स्वस्थ मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि11 अप्रैल तक प्रदेश के सभी टीकाकरण केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ टीकाकरण का दबाव कम है वहाँ से वैक्सीन अधिक दबाव वाले क्षेत्रों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है ताकि वैक्सीन उत्सव को सफल बनाया जा सके।