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KANPUR : 49 प्रतिशत की वोटिंग, ईवीएम में कैद हुआ प्रत्याशियों का भाग्य

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कानपुर/अखिलेश मिश्रा : जिला प्रशासन की कडी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार को घाटमपुर का उपचुनाव सम्पन्न हो गया। मताधिकार के दौरान किसी भी वोटर को कोई परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों का काफिला सभी बूथों पर सक्रिय रहा। विधानसभा में वोटिंग के दौरान महिलाओं पर मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अधिक उत्साह दिखा। वहीं, बूढे बुजुर्ग और दिव्यांग भी अपनों की गोद में चढकर बूथों तक पहुंचे और अपने पंसदीदा प्रत्याशी को वोट दिया।

हालांकि कुछ बूथों पर दोपहर तक काफी कम भीड थी, लेकिन दोपहर बारह बजे के बाद वोटरों का उत्साह परवान चढा और बूथ मतदाताओं से गुलजार हो गये। महामारी को ध्यान में रखकर अधिकारियों ने हर बूथ पर उचित दूरी बनाकर गोले बनवाएं थे जिससे सभी मतदाता उचित दूरी पर रहे और अपने मत का उपयोग करे, लेकिन उनकी कोविड गाइडलाइन का पुरूष मतदाताओं ने तो पालन किया, जबकि महिला वोटरों ने नियमों की धज्जियां उडाकर वोटिंग की।

हालांकि प्रशासन ने सभी को मास्क व उचित दूरी बनाकर रहने के लिए संदेश दिया था पर वोट देने के उत्साह ने सभी नियमों को भूला दिया।115 साल की जमुनी देवी अपने 70 वर्षीय बेटे राजाराम की गोद में बैठकर मतदान केन्द्र में वोट डालने के लिए पहुंची थी। पूछने पर राजाराम ने बताया कि मां अपने पूरे जीवन काल में वोट डालने के लिए हमेशा ही उत्साहित रही है। इतना ही नहीं उनका रिकार्ड व प्रयास रहा है कि वे बूथ पर सबसे पहले अपने मत का प्रयोग करे। वोट डालने के बाद वापसी में जमुनी देवी की मुस्कान बता रही थी कि वे मत का उपयोग करने के बाद काफी खुश थी।

वोट डालने में युवाओं से आगे रहे बुजुर्ग-

कवरेज के दौरान टीम को अधिकांश जगह युवाओं से पहले बुजुर्ग अपने वोट डालने के लिए लाइन में सक्रिय दिखे। घाटमपुर के प्राथमिक विद्यालय के आदर्श मतदान केन्द्र में अहले सुबह सात बजे ही 92 साल के राधेश्याम अपनी बेटी अंजू के साथ छडी लेकर पहंुच गये थे। वोट डालने के बाद जब उनसे इतनी जल्दी आने की बात पूछी गयी तो वे बोले की पहले मतदान फिर जलपान की बात कहकर वोट का महत्व बताया।


बूथ पर सिपाहियों ने भी की उम्रदराज वोटरों की मदद :

पूरी विधानसभा में कुछ बूथ ऐसे थे जो कि हाइवे पर बनें स्कूलों में थे। इसलिए वहां पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने बुजुर्ग मतदाताओं की बेटा बनकर मदद की। चलने में डगमगाने वाले वोटरों को वे स्वयं अपने साथ हाथ पकडकर अंदर तक लाएं और वोट का उपयोग करने के बाद उन्हें बाहर तक यानी मुख्य हाइवे मार्ग पार कराकर वापस लौटकर मानवता की सीख दी। प्राथमिक विद्यालय घाटमपुर बने बूथ पर अधिकांश किशनपाल, मोहनलाल, दुलारी देवी,रामअवतार,प्रेम नारायण सहित दर्जनों बुजुर्गो की तैनात सिपाही विजय कुमार ने मानवीय द्रष्टि से भरपूर मदद की।

घाटमपुर के कुछ बूथों के ईवीएम हुए खराब-

निर्धारित समय सुबह सात बजे जैसे ही वोटिंग प्रक्रिया शुरू हुई बूथ संख्या 158, 160 व 161 के ईवीएम खराब हो गये। बूथ पर तैनात कर्मियों ने काफी प्रयास किया लेकिन जब ईवीएम चालू नहीं हुए तो उन्होंने अपनी सीनियर को जानकारी दी। सूचना पर अधिकारी तत्काल सक्रिय हुए और इंजीनियर को बुलवाकर मशीनों को ठीक कराया गया। जैसे ही मशीने संचालित होने लगी वैसे ही मतदान चालू कराया गया।

हालांकि प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए इंजीनियर्स की तैनाती पहले से कर रखी थी। जिससे वोटिंग के दौरान किसी भी परेशानी का सामना न करना पडे। पतारा मतदान केन्द्र की भी मशीन खराब होने की जानकारी कंट्ोल रूम में आयी जिसपर अधिकारी मौके पर पहंुचे और स्थिति को संभालकर दोबारा मतदान प्रक्रिया शुरू करायी।

3 बजे तक धीमा मतदान, बाद में आयी तेजी-

सुबह सात बजे मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गयी कुछ बूथों पर तो मतदान शुरू होते ही लाइन लग गयी, लेकिन अधिकांश बूथ दोपहर तीन बजे तक काफी धीमी गति में रहे। तीन बजे के बाद एकाएक वोटर घरों से निकला और बूथ तक पहंुचा। उसके बाद मतदान केन्द्रों मे थोडी रौनक आयी। हालांकि सभी पार्टियों के कार्यकर्ता वोटरों को जागरूक करने के लिए पूरा दिन सक्रिय रहे।

आईजी ने किया बूथ निरीक्षण-

आईजी मोहित अग्रवाल सुरक्षा व्यवस्था व कोविड तैयारियों की वस्तुस्थिति देखने के लिए विधानसभा क्षेत्र पहंुचे और उन्होंने बूथ में अंदर जा-जाकर गहन निरीक्षण किया। चेकिंग के दौरान उन्होंने तैनात अधिकारी व चुनाव कर्मियों से कहा कि वोटरों से महामारी अधिनियम के अन्तर्गत बनाएं गये नियमों का पालन कराएं। बूथ पर बनाएं गये उचित दूरी वाले सफेद गोलों को भी देखा।

बूथों पर महिलाओं ने उडायी कोविड की धज्जियां

जिला प्रशासन के कोविड नियमों का जहां युवाओं ने पालन किया वहीं महिलाओं ने वोट डालने के उत्साह में नियम जमकर तोडे। पहले तो नियमनुसार लाइन लगी बाद में भीड अधिक होने पर सारे नियम टूट गये हालांकि बूथों पर तैनात पुलिस कर्मी व महिला लगातार वोटरों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उत्साह के आगे नियम धराशाही हो गये। प्रशासन ने मास्क लगाकर आने की सभी वोटरों से अपील की थी लेकिन अधिकांश वोटरों ने मास्क का उपयोग नहीं किया हालांकि वोटर मास्क तो रखे थे लेकिन व नाक व मुंह के नीचे था।

मुस्लिम महिलाएं ने भी वोट की चोट-

आज पूरी विधानसभा में मुस्लिम महिलाएं भी वोट की चोट करने के लिए सक्रिय रही। यहां महिलाएं गुट में आयी और जमकर वोटिंग की। यह पूछने पर कि आपने वोट किसको किया है यह बताने से मना कर दिया। उन्होने कहा कि जब वोटिंग होगी तो परिणाम बताएंगे कि हमने किसके पक्ष में वोट किया था।

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