KANPUR : मानक को ताख पर रखकर सिटी में बिल्डरों के अवैध निर्माण

कानपुर/अखिलेश मिश्रा : कानपुर विकास प्राधिकरण सिटी के बिल्डरों पर काफी मेहरबान है। बिल्डर मानक के विपरीत अपार्टमेंट बनाकर परिवार बसा रहे है। प्राधिकरण नोटिस देकर औपचारिकता निभा रहा है। जबकि, प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से साफ आदेश दिया है कि मानक के विपरीत बनने वाले भवन तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करके गिराये जाएं। लेकिन केडीए ने सीएम के आदेश को हवा में उडा दिया है। जिसका लाभ उठाकर बडे बिल्डर दिन-रात अपार्टमेंट में कार्य कराके भवन पूरा करा रहे है।

जिससे जबतक कार्यवाही की स्थिति बनें तबतक अपार्टमेंटस में सैकडों परिवार बस चुके होंगे। उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्यवाही होना संभव ही नहीं होगा। पंचायत चुनाव अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डरों के लिए ऑफर की तरह आया है। चुनाव के कारण कानपुर विकास प्राधिकरण किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही करने में सक्षम नहीं है। जिसका लाभ उठाकर बडे बिल्डर अपने प्रोजेक्ट जल्द से जल्द समाप्त करने में जुटे है। हालांकि मंडलायुक्त राजशेखर को भी अवैध निर्माणों की जानकारी मिली थी।

जिस पर कार्यवाही करते हुए उन्हें केडीए से एक्षन लेने को कहा था, लेकिन जब विकास प्राधिकरण मेहरबान तो फिर डर काहे का। वर्तमान स्थिति यह है कि केडीए की सारी गतिविधियों की जानकारी सिटी के बिल्डरों के पास एडवांस होती है। प्राधिकरण सिटी या फिर उसके आउटर पर क्या कार्ययोजना बना रहा है। यह भी सब बिल्डरों को पता होता है। सिटी के बडे प्रोजेक्टों पर काम करने वाले व्यापारियों के मुखबिर विभाग में तैनात है। जो विकास प्राधिकरण की सैलरी पर बिल्डरों के लिए काम करते है।

सिटी के सभी क्षेत्रों में बडे अपार्टमेंटस मानक को ताख पर रखकर तने है। इसके अलावा बिठूर रोड पर बडी संख्या में निर्माण हो रहा है। लेकिन उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। कार्यवाही के संदर्भ में जब कानपुर विकास प्राधिकरण के प्रर्वतन दस्ता अधिकारी आरपी सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डरों को नोटिस दिया गया है। पंचायत चुनाव के बाद पुलिस बल के साथ गलत निर्माण को गिराया जायेगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि चुनाव समाप्त होते-होते निर्माण कार्य ही समाप्त हो जायेगा। जबकि, 26 मार्च को बैठक के दौरान तय हुआ था कि दस्ता गठित करके जल्द से जल्द कार्यवाही करें, लेकिन आजतक दस्ता का गठन न हो सका।