एसटीएफ की मुठभेड़ में पकड़ा गया लखटकिया अपराधी

फिल्मी स्टाइल में नौबस्ता में किया था रोहित का मर्डर


कानपुर/दिवस पाण्डेय : जेल से कचहरी में पेशी पर आने के बाद फरार हुए एक लाख रुपये के इनामी अपराधी विक्की सोनी को एसटीएफ ने मंगलवार देर शाम मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। डेढ़ वर्ष से वह पुलिस को चकमा देकर कुछ महीनें मुंबई में और फिर नेपाल में रहा था। दो दिन पहले ही नौबस्ता स्थित अपने घर आया था। एसटीएफ ने घेराबंदी की तो साथी संग बाइक से भागा और पीछा करने पर पनकी में एसटीएफ टीम पर फायरिंग की आगे जाकर नाले में गिरकर घायल हो गया। विक्की व उसके साथियों ने नौबस्ता स्थित एक ढाबे पर विवाद के बाद एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। वर्ष 2019 में हत्या के इसी मामले में कोर्ट ने उसे दोषी माना था। तीन अक्टूबर को विक्की व उसके साथियों को जेल से पेशी पर लाया गया था। जहां वह सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। अधिकारियों ने सुरक्षा में तैनात दो सिपाहियों जितेंद्र व सतेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित किया और विक्की को फरार कराने के आरोप में उसके दो भाइयों व दो दोस्तों को जेल भेजा था। इसके बाद अधिकारियों ने उस पर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की थी। खुफिया एजेंसियों को उसके मुंबई और फिर नेपाल में कहीं छिपे होने की सूचना मिली थी। एसटीएफ के दारोगा ने बताया कि सोमवार को विक्की परिवार से मिलने नौबस्ता आया था। मंगलवार को वह पनकी मंदिर दर्शन करने गए हत्या के मुकदमे के वादी रोहित भदौरिया से मिला और उन्हें धमकी दी। रोहित की सूचना पर शाम को एसटीएफ टीम पहुंची और विक्की की घेराबंदी की तो वह शताब्दी नगर में नये स्टेडियम के पास भागा। उसके साथ बाइक पर एक बदमाश और दूसरी बाइक पर दो अन्य साथी भी थे। रास्ते में विक्की ने फायरिंग शुरू कर दी। तभी बाइक फिसल गई और दोनों पैदल भागे। भागते समय विक्की सीमेंटेड नाले में गिर पड़ा। दाहिने पैर और दाहिनी हाथ में उसे काफी चोट आई। तब एसटीएफ ने आरोपित को दबोच लिया। तुरंत उसे हैलट अस्पताल भेजा गया। सीओ एसटीएफ तेज बहादुर सिंह ने बताया कि विक्की सोनी के खिलाफ एक लाख रुपये का इनाम है। वह अपने परिवार व कुछ परिचितों से मिलने आया था। तभी पनकी क्षेत्र में मुठभेड़ में पकड़ा गया। एसटीएफ की टीम में निरीक्षक शैलेंद्र सिंह, उप निरीक्षक शीवेंद्र सिंह शामिल थे।

2019 में इनामी अपराधी विक्की सोनी पेशी से फरार हो गया था। अधिकारियों ने सुरक्षा में तैनात दो सिपाहियों जितेंद्र व सतेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया था और विक्की को फरार कराने के आरोप में उसके दो भाइयों व दो दोस्तों को जेल भेजा था। इसके बाद अधिकारियों ने उस पर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की थी। खुफिया एजेंसियों को उसके मुंबई और फिर नेपाल में कहीं छिपे होने की सूचना मिली थी।फरार होने के बाद विक्की सोनी ने नौबस्ता क्षेत्र के ही एक कारोबारी महेश यादव से 25 लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी थी। कारोबारी ने नौबस्ता थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। यही नहीं, पुलिस के मुताबिक हत्या करने के बाद विक्की ने जेल में भी अपना गिरोह बना लिया था। जेल से छूटने वाले बदमाशों के जरिए वह वसूली करने लगा था। उसके बाद वह कचहरी से फरार हो गया था।