यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों ने मुख्यमंत्री से भारत में ही मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने की मांग

कानपुर

कानपुर, बीपी डेस्क। यूक्रेन से लौटे शहर के एमबीबीएस छात्रों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि उनकी पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है। छात्र भारत में ही मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।

विद्यार्थियों ने बताया कि यूपी के करीब 24 सौ एमबीबीएस स्टूडेंट्स हैं। देश लौटने के बाद वहां के मेडिकल कॉलेजों ने आनलाइन क्लास शुरू कराई है, लेकिन पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है। प्रैक्टिकल नहीं होने से बहुत सी समस्याएं सामने आ रही है।

छात्र ने बताया कि यूक्रेन विश्वविद्यालयों के शिक्षक लेक्चर के वीडियो, पीडीएफ व पीपीटी प्रजेंटेशन पोस्ट कर देते हैं। इसके बाद सीधे टेस्ट लेते हैं। कई शिक्षक तो लेक्चर का यू-ट्यूब लिंक भेज देते हैं। इस कारण छात्र प्रैक्टिकल व क्लीनिकल कक्षाओं से वंचित हो रहे हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी वीएन कराजिन खारकीव नेशनल मेडिकल विवि, डेनिप्रो स्टेट मेडिकल विवि, इवानो फ्रैंसिस्को नेशनल मेडिकल विवि, लवीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। छात्रों ने मांग की कि देश में करीब 650 मेडिकल कॉलेज हैं।

जिनमें यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों को समायोजित किया जाएं। अगर सरकार छात्रों का ट्रांसफर यूरोप के अन्य देशों में करती है, तो भी उन सब को क़ई तरह की परेशानी उठानी पड़ेगी। उनकी दलील है कि ज्यादातर विद्यार्थी आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तमाम विद्यार्थी डिप्रेशन में आ चुके हैं।