मंगल पांडे को याद कर पालकों ने काटी ग़दर

कानपुर/दिवस पाण्डेय : 1857 की गदर के नायक पंडित मंगल पांडे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के माध्यम से प्रेषित किया गया। अभिभावकों के पहुंचने की सूचना से पूर्व ही जिला विद्यालय निरीक्षक अपने कार्यालय से खिसक गए। अभिभावकों ने उनके कार्यालय गेट पर ही ज्ञापन चस्पा कर दिया। अभिभावकों ने आज सुनिश्चित किया था कि

जिला विद्यालय निरीक्षक को चूड़ियां लिपस्टिक व साड़ी भेंट करेंगे। अभिभावकों का मानना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक की सभी निजी विद्यालयों से गहरी सांठगांठ है इसीलिए जिला विद्यालय निरीक्षक, निरीक्षण के नाम पर लक्ष्मी लेकर चले आते हैं। अखिल भारतीय पीड़ित अभिभावक महासंघ के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि कानपुर जनपद के कतिपय विद्यालय कोरोना से वैश्विक महामारी में भी फीस वृद्धि कर रहे हैं। जैसा कि आपको अवगत ही है फीस वृद्धि के लिए अध्यापक अभिभावक समिति के अनुमोदन व जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति से ही निजी विद्यालय फीस वृद्धि  कर सकते हैं। वहीं आपके संज्ञान में लाना जरूरी है कि कानपुर जनपद में किसी भी निजी विद्यालय ने नियमपूर्वक शिक्षक  अभिभावक समिति का गठन नहीं किया है।

वरन बिना वांछित अभिभावकों की सहमति के फर्जी तौर पर अध्यापक अभिभावक समिति का गठन कर फीस निर्धारण  किया है व न ही जिला शुल्क नियामक समिति कानपुर की अनुमति ही ली है जबकि उत्तर प्रदेश में स्व वित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय शुल्क विनयम अधिनियम 2018 लागू है. अधिनियम के अंतर्गत जिला शुल्क नियामक समिति होती है जिसमें जिलाधिकारी महोदय को अध्यक्ष व जिला विद्यालय निरीक्षक को पदेन सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। कोविड-19 के समय में निजी विद्यालयों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जिसकी वजह से स्कूलों के तमाम खर्च कम हो गए हैं। व अभिभावकों के खर्च बढ़ गए हैं वैश्विक आपदा के समय निजी विद्यालयों की फीस वृद्धि किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। आगे  संज्ञान में यह भी लाना है कि निजी विद्यालय, किताबों के प्रकाशकों साथ मिलकर अभिभावकों का कॉपी-किताब स्टेशनरी के नाम पर जमकर लूट रहे हैं जबकि एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाए जाने का नियम अस्तित्व में है ऐसे किसी भी विद्यालय के विरुद्ध जिला विद्यालय निरीक्षक कानपूर नगर द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई।

जिला विद्यालय निरीक्षक श्री सतीश चंद तिवारी अंडर टेबल कार्य करने में व्यस्त एवं मस्त रहते हैं।जिस कारण उनपर अनेक आरोप लगे हैं व उनके खिलाफ अनेक  जांच लाम्बित हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के आधार पर फीस का पुनः निर्धारण कर फीस घटाई जाय एवं जो विद्यालय जिला शुल्क नियामक समिति की अनुमति के बगैर फीस वृद्धि कर रहे हैं उनके विरुद्ध विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई करने का कष्ट करें ।सभी निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करें एवं जिन विद्यालयों ने एनसीईआरटी  किताबें लागू नहीं की है  या एनसी इआरटी किताब के साथ अन्य महंगी पुस्तकें खरीदवा रहे हैं उनके विरुद्ध अविलंब कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराने का कष्ट करें। जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश चंद तिवारी द्वारा जिन विद्यालयों द्वारा फीस वृद्धि की गई एवं अमान्य पुस्तकें पढ़ाने व खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं कोई कार्यवाही नहीं की गई है इसलिए जिला विद्यालय निरीक्षक को निलंबित करते हुए इनकी चल अचल संपत्ति की जांच कराने का कष्ट करें। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे। राकेश मिश्रा,आशीष सोनी ,अमित मिश्रा, रमाकांत संजय निगम, उर्मिला, लता,सुनैना,नवीन अग्रवाल,बरखा आहूजा