जिस अस्पताल में बेटी थी फार्मासिस्ट, उसी अस्पताल में मां ने तोड़ा दम

कानपुर/फैज़ान हैदर : जिले में एक होनहार बेटी सिस्टम के आगे लाचार नजर आई। अस्पताल के बाहर फूट कर रोई, और सरकारी सिस्टम को कोसती रही। जिले में एक हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। जिस अस्पताल में बेटी फार्मासिस्ट थी और उसने अपनी संक्रमित मां को उसी अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन उपचार के दौरान फार्मासिस्ट की मां ने दम तोड़ दिया। फार्मासिस्ट की मां का शव उसी अस्पताल में 09 घंटे तक पड़ा रहा। बेटी उच्चाधिकारियों को फोन करती रही कि मां के शव को अंतिम संस्कार के लिए भेजा जाए। लेकिन उसकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी।


कानपुर देहात में रहने वाली एक फार्मासिस्ट 14 सितंबर 2020 से ट्रामा सेंटर में नौकरी कर रही थी। ट्रामा सेंटर कोविड अस्पताल बना दिया गया इसके बाद भी वह अपनी सेवाएं देती रही। फार्मासिस्ट की मां संक्रमित हो गई तो बेटी ने मां को उसी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर वह फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थी। बेटी ने सोचा था कि मां को बेहतर इलाज मिल जाएगा और जल्द स्वस्थ्य हो जाएगी लेकिन उसने गुरूवार को अपनी मां को तड़पकर मरते हुए देखा।

फार्मासिस्ट ने मां की मौत की खबर उच्चाधिकारियों को दी। इसके साथ ही मां के अंतिम संस्कार के लिए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल के आलाधिकारियों से फोन कर गुहार लगाती रही। लेकिन उसकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी। मां का शव 09 घंटे तक अस्पताल में ही पड़ रहा। फार्मासिस्ट लगातार मां के अंतिम संस्कार के लिए गिड़गिड़ाती रही और सिस्टम के आगे लाचार होकर वह अस्पताल के बाहर फूट-फूट कर रोने लगी। मौके पर पहुंचे एसडीएम राजीवराज ने शव वाहन को मंगाकर फार्मासिस्ट की मां के शव को कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संकार के लिए भेजा।