सुतर ख़ाना छोटी मस्जि़द के इमाम के बेटा ने 15 साल की उम्र मे कुरआन किया याद

कानपुर/फैज़ान हैदर : सुतर ख़ाना क्षेत्र की छोटी मस्जि़द के इमाम व खतीब हाफिज़ मोहम्मद दाऊद के बेटे सफीउल्लाह ने चन्द महीनों में पूरा कुरआन पाक याद कर लिया। खबर मिलने पर शहर भर से कई मौलाना मुबारकबाद देने छोटी मस्जि़द पहुंच गए। वहीँ क्षेत्र में लोगों ने भी खुशियां मानते हुए इमाम साहब को मिठाई खिलाकर मुबारकबाद दी। 20 साल से शहर के सुतर ख़ाना क्षेत्र मे बनी छोटी मस्जि़द मे हाफिज़ मोहम्मद दाऊद इमाम हैं। बातचीत करने पर इमाम ने बताया की कुरआन अल्लाह की आख़िरी क़िताब हैं। अल्लाह ने इसे अपने आख़िरी पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद पर नाज़िल किया औऱ इसकी हिफाज़त का जिम्मा ख़ुद उठाया l


मस्जिद के इमाम ने वसीम रिज़वी पर तंज कस्ते हुए मिसाल दी कि जैसे चाँद पर थूकने से चाँद पर कोइ फर्क नही पड़ता बल्की वो उल्टा उसके मुँह पर आकर गिरता हैं ठीक इसी तरह कुरआन पाक में कमी-पेशी बताने वाला औऱ कमियाँ निकालने वाला ख़ुद बीमार ज़हनियत का मालिक हैं जिससे कुरआन पाक पर कोइ फर्क नही पड़ने वाला। हाफिज़ मोहम्मद दाऊद ने क़हा की हम पर अल्लाह का एहसान है क़ि उसने मेरे बेटे कॊ हाफिजे कुरआन बनाकर उन लोगों क़ि ज़माअत में शामिल कर दिया जिनको अल्लाह ने अपनी क़िताब क़ि ज़िम्मेदारी दी है जिसपर हम अल्लाह का जितना शुक्र अदा करें कम हैं।