खोदाई में निकली तिजोरी, अंदर खजाना होने का रहस्य है बरकरार

स्टेटडेस्क : कानपूर में कुछ दिन पहले मंधना में एक खोदाई के दौरान प्राचीन तिजोरी मिली थी। जिसमे से खजाना मिलने को लेकर कौतूहल बन गया था। वहीं पर अब कानपुर देहात के रूरा में पुराने मकान की खोदाई के दौरान तिजोरी मिलने से चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई क्विंटल की इस तिजोरी को बुलडोजर से तोड़ने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है। तिजोरी के अंदर प्राचीन खजाना होने की आशंका जताई जा रही है। खजाना होने की चचाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब तिजोरी को देखने के लिए आसपास के गांवों से लाेग पहुंच रहे हैं। बता दे कि कानपुर देहात के रूरा कस्बे के पास बनीपारा महाराज निवासी शंकर दयाल त्रिपाठी उर्फ छोटे मुन्नू अपने पुराने मकान की खोदाई कराकर नया निर्माण करा रहे हैं। बुधवार की शाम मकान की खोदाई के दौरान अचानक कुछ लोहे का बक्सा जैसा नजर आया।

खोदाई और कराने पर कई साल पुरानी तिजोरी बाहर आई। जिसमे से खजाना मिलने की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। दो से तीन मजदूर उसे एक जगह से हिला तक नहीं पाए। जिससे बुलडोजर मंगाकर उसे बाहर निकाला गया। तिजोरी मिलने की जानकारी पर आसपास के गांवों से लोगों की भीड़ पहुंचने लगी। तिजोरी चर्चाओं का विषय बनी हुयी है। इस दौरान मुन्नू ने बुलडोजर से तिजोरी को तुड़वाने का प्रयास किया लेकिन तोड़ा नहीं जा सका। लोगों की मानें तो तीन-चार क्विंटल का वजन होने के चलते तिजोरी के अंदर खजाना होने की प्रबल संभावना बनी है। शंकरदयाल ने बताया कि उनका मकान करीब पचास साल से भी ज्यादा पुराना है।

वहीं तहसीलदार डेरापुर लाल सिंह का कहना है तिजोरी मिलने की जानकारी हुई है। मामले की पड़ताल कराई जाएगी। करीब एक माह पहले कानपुर के मंधना क्षेत्र में जीटी चौड़ीकरण के लिए दुकानें गिराने के दौरान खोदाई में तिजोरी निकली थी। दुकान और मकान मालिक ने खजाना हाेने की संभावना पर अपना दावा तिजोरी पर रखा था। तहसीलदार ने तिजोरी को थाने के मालखाने में रखवा दिया था। जो आज तक खोली नहीं जा सकी है। दोनों दावेदारों में किसी से पुख्ता सबूत नहीं मिलने से अभी साबित नहीं हुआ है कि तिजोरी किसकी है।