सैफई में आजादी के बाद पहली बार मतदान, रामफल वाल्मीकि विजयी

कानपुर \ अनू अस्थाना : समाजवादी पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष और सरंक्षक मुलायम सिंह यादव के गांव इटावा के सैफई में आजादी के बाद पहली बार मतदान हुआ। इससे पहले मुलायम सिंह यादव के दोस्त दर्शन सिंह यादव निर्विरोध प्रधान बनते थे। इस बार सीट आरक्षित थी और मुलायम सिंह यादव के समर्थित रामफल वाल्मीकि ने एकतरफा जीत दर्ज की। यहां पर 1971 से मुलायम के दोस्त दर्शन सिंह यादव लगातार सैफई गांव के प्रधान निर्वाचित होते रहे। बीते वर्ष 17 अक्टूबर को उनके निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी।


रामफल की जीत कितनी बड़ी रही, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रामफल बाल्मीकि को 3877 मत मिले, जबकि विरोधी विनीता नामक महिला को मात्र 15 वोट मिले। इससे पहले कभी भी सैफई में मतदान नहीं हुआ था। प्रधान पद का चुनाव निर्विरोध निर्वाचन होता था। आजादी के बाद पहली बार कोई दलित मुलायम सिंह यादव के गांव में प्रधान बना है। इसा बार पंचायत चुनाव में सैफई गांव की सामान्य सीट को प्रधान पद को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। इसके बाद भी मुलायम सिंह के अपनी ताकत का एहसास कराया है।