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दो हफ़्ते के भीतर हाईकोर्ट ने मांगा यूपीसीए से जवाब

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कानपुर / भूपेंद्र सिंह। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने यूपीसीए के खिलाफ दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करते हुए नियमों की अनदेखी करने पर दो हफ़्ते के भीतर जवाब मांगा है। उच्चं न्यायालय की एक खंडपीठ ने सोमवार को केस नम्बर WP No.33318/2021 की सुनवाई के दौरान आदेश पारित करते हुए उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन तथा बीसीसीआई को संयुक्त रूप से नोटिस जारी करते हुए दो हफ़्ते के भीतर जबाब माँगा है ।

उच्च न्यायालय ने यूपीसीए से लोढा कमेटी की सिफारिशों के आदेशों का पालन नहीं पूरी तरह से नही करने पर सवाल किया है । गौरतलब है कि यूपीसीए की एपेक्स काउन्सिल के 7 सदस्यों ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया है की संघ ने उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अवहेलना करते हुए ग़ैरक़ानूनी ठंग से एपेक्स काउन्सिल के अलावा एक और समानांतर उप कमेटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टूर्स की संरचना की है, जिसके सभी सदस्य लोढा कमेटी के मानको के विपरीत 9 साल पूरे कर चुके है या कूलिंग ऑफ के नियमों के अंतर्गत बर्खास्त है।

इसके बावजूद इस ग़ैरक़ानूनी तरीके से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने यूपीसीए मे क्रिकेट के सारे कामकाज अपने अघिकार क्षेत्र मे ले रखे है तथा ग़ैर क़ानूनी ढंग से 40 के लगभग आजीवन सदस्य भी बना डाले है। यहां तक की बिना एपेक्स काउन्सिल के अनुमति के ही बीती 30 दिसम्बर को वार्षिक आम सभा भी आयोजित कर डाली।

यही नही संघ के निदेशक मण्डल ने अपना कार्यकाल पूरा कर चुके निदेशक अभिषेक सिंहानिया व अशोक चर्तुवेदी को दोबारा निदेशक पद पर नियुक्त् कर दिया।नियमों की अनदेखी करने के आरोप को सही मानते हुए उच्च न्यायालय की खण्ड पीठ ने यूपीसीए व बीसीसीआई को दो हफ़्ते के भीतर जबाब दाखिल करने को कहा है। उच्च न्यायालय में मामले की अगली तारीख़ 3 फरवरी तय की गयी है।

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