कुम्भ मेला: श्रद्धालु को बचाने में NDRF के बचावकर्मी की मौत

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प्रयागराज/प्रतिनिधि: NDRF के बचावकर्मी आरक्षक राजेन्द्र गौतम जो कि गत 19 फरवरी माघी पूर्णिमा कुम्भ मेला स्नान के दौरान प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में डूब रहे एक श्रद्धालु को बचाने के क्रम में घायल हो गये थे, शुक्रवार को सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में अपने प्राण की आहुति दे दिये।

38 वर्षीय आरक्षक राजेन्द्र गौतम जो कि गाँव- लहेर, जिला- बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) के निवासी थे, इन्होंने स्नातक करने के उपरान्त 30 जनवरी 2004 को सीमा सुरक्षा बल (बी०एस०एफ०) में आरक्षक के पद पर नियुक्त हुए। सीमा सुरक्षा बल में इन्होंने भारत – बांग्लादेश तथा भारत – पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय सीमा पर एवं आतंकवाद ग्रस्त कश्मीर में अपने ड्यूटी को जिम्मेदारी व कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाया।

मई 2013 में इन्होंने 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० बिहटा (पटना) में डेपुटेशन के तौर पर योगदान दिया। एक निपुण तैराक व कुशल बचावकर्मी आरक्षक राजेन्द्र गौतम इस दौरान बिहार बाढ़ 2014, 2016 व 2017, पुर्वी उत्तर प्रदेश बाढ़ 2013, सुपर साइक्लोन फ़ाईलीन ओडिशा 2013, नेपाल भूकम्प 2015, केरल बाढ़ 2018 जैसे बिभिन्न आपदाओं में अपने अदम्य साहस व कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण पेश करते हुए अनेकों लोगों को आपदा के मुश्किल घड़ी में बचाया अथवा उनकी मदद किया।

आरक्षक राजेन्द्र गौतम 05 जानवरी 2019 से 9 बटालियन एन०डी०आर०एफ० की 9-बी टीम के साथ कुम्भ मेला, प्रयागराज में ड्यूटी में मुस्तैदी के साथ तैनात थे। 19 फरवरी 2019 को माघी पूर्णिमा कुम्भ मेला स्नान के दौरान सोमेश्वर घाट प्रयागराज में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ थी। उस दिन सुबह लगभग 0545 बजे बचावकर्मी राजेन्द्र गौतम जो कि NDRF के एक बोट पर गंगा नदी में तैनात थे, उन्होंने सुरक्षा बैरीकेडिंग के बाहर एक बुज़ुर्ग श्रद्धालु को पानी में तेजी बहते व डूबते हुए देखा। राजेन्द्र गौतम अपने साहस व कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बिना समय गँवाये पानी में डूब रहे श्रद्धालु को बचाने के लिए गंगा नदी में छलाँग लगा दिया।

दुर्भाग्यवश श्रद्धालु को बचाने के क्रम में लकड़ी बैरिकेडिंग से बचावकर्मी घायल हो गये। उन्हें तुरन्त नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। तत्पश्चात स्वरूप रानी अस्पताल, प्रयागराज पहुँचाया गया। वहाँ, डॉक्टर द्वारा चेक करने के उपरान्त बताया गया कि कार्मिक को गहरी सर्विकल इंज्यूरी हुई है। तुरंत उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेन्स की मदद से सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली पहुँचाया गया। 20 फरवरी को डॉक्टर की टीम द्वारा कार्मिक की सर्जरी की गई थी। शुक्रवार को तड़के सुबह कार्मिक की स्थिति बेहद खराब हो गई और वो भगवान को प्यारे हो गए।

एक बचावकर्मी के रूप में अपने कर्तव्यनिष्ठा का निर्वहन करते हुए उनकी इस प्राण न्योछावर के उपरान्त महानिदेशक NDRF, महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक बल मुख्यालय एन०डी०आर०एफ०, कमान्डेंट, 9 बटालियन NDRF तथा बल के प्रत्येक रैंक के कार्मिकों ने शोक व्यक्त किया है तथा पुष्प अर्पित कर भगवान से उनकी आत्मा की शांति की कामना किया है।