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लखनऊ : केजीएमयू पीडिया हेड ने कहा, बच्चों में संक्रमण की संभावना कम

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स्टेट डेस्क/शोभित शुक्ला : कोरोना की दहशत में बच्चों की अन्य गंभीर बीमारियों को नजरंदाज न करें, उसका इलाज करवाएं। उक्त बातें मुख्य पीडियाट्रिक हेड, केजीएमयू लखनऊ डॉ. माला कुमार ने मंगलवार को निरालानगर स्थित प्रो. राजेन्द्र सिंह रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र में आयोजित बच्चे हैं अनमोल कार्यक्रम में कहीं। इस कार्यक्रम में विद्या भारती के शिक्षक, बच्चे और उनके अभिभावक सहित लाखों लोग आनलाइन जुड़े थे।

जिनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। उक्त कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता के रूप में मौजूद कानून मंत्री प्रदेश सरकार बृजेश पाठक ने कहा कि तीसरी लहर को लेकर दुनिया भर में चिंता व्यक्त की गयी है कि यह बच्चों के लिए ज्यादा घातक साबित होगी।

जिसको लेकर सरकार ने सभी जिलों में चिकित्सा व्यवस्था कर रखी है। बच्चों के लिए आईसीयू और उनके लिए पहले से अस्पतालों में बेड आरक्षित कर दिया गया है। वैक्सीनेशन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी देश भर में सभी लोगों का वैक्सीनेशन हो पाएगा, उतनी ही जल्दी हम कोरोना मुक्त हो सकेंगे। वहीं डॉ. माला कुमार ने कहा कि पहली लहर गुजर गयी और जब दूसरी लहर अचानक आयी तो उससे हम घिर गए।

पहली और दूसरी लहर में कुल संक्रमण में बच्चों के संक्रमण का प्रतिशत बराबर था दूसरी लहर में संक्रमण का आंकड़ा ज्यादा था इसलिए बच्चे भी ज्यादा संक्रमित हुए। इससे हमारे मन में डर बैठ गया। तीसरी लहर आएगी या नहीं आएगी, ये अभी तय नहीं है। डरने की जरूरत नहीं, तैयार रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि बच्चों में संक्रमण की संभावना कम है क्योंकि संक्रमण के लिए रिसेप्टर की जरूरत होती है जो सांस की नली में होता है। वयस्कों की तुलना में बच्चों में रिसेप्टर कम पाया जाता है। यदि बच्चे तीसरी लहर में संक्रमित होते हैं तो उनमें सामान्य लक्षण ही दिखाई देंगे ऐसे में उन पर ध्यान देने की आवश्यकता है। क्योंकि वो अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं। बच्चों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रखें।

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