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मुरादाबाद : तत्कालीन एसडीएम समेत तीन के खिलाफ दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज

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मुरादाबाद/बीपी टीम। जमीन का दाखिल खारिज न होने से क्षुब्ध कारोबारी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में अमरोहा के तत्कालीन एसडीएम विवेक यादव व मुरादाबाद के कारोबारी भाई बहन के खिलाफ दिल्ली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों पर कारोबारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप है। उत्तम नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है तथा पीड़ित परिवार से दस्तावेज मांगे हैं।

जानकारी के अनुसार विगत 13 अगस्त को दिल्ली के उत्तम नगर थाना क्षेत्र के ओम विहार फेज 3 निवासी मोहम्मद जाबिर ने अपने फ्लैट पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके स्वजन ने आत्महत्या के पीछे जमीनी विवाद में मुरादाबाद के बारादरी निवासी सऊद आलम व उनकी बहन शाजिया तथा तत्कालीन अमरोहा सदर एसडीएम विवेक यादव पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। मोहम्मद जाबिर द्वारा हाईवे पर खरीदी गई जमीन का उक्त तीनों लोग दाखिल–खारिज नहीं होने दे रहे थे। आत्महत्या के बाद स्वजन शव को दिल्ली से जोया ले आए थे तथा हाईवे पर जाम भी लगाया था। डीएम बीके त्रिपाठी के आश्वासन के बाद वह शव को घर ले गए थे।

स्वजन तीनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस मामले में मृतक के भाई मोहम्मद आकिल ने दिल्ली की द्वारका कोर्ट में सीआरपीसी धारा 156(3) के तहत याचिका दायर की थी। अदालत ने उत्तम नगर थाना पुलिस को तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। इस मामले में अदालत के आदेश पर रविवार रात को उत्तम नगर पुलिस ने एसडीएम विवेक यादव, सऊद व शाजिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। विवेक यादव वर्तमान में हापुड़ जनपद में तैनात हैं। उत्तम नगर थाना प्रभारी हरपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित स्वजन ने जांच शुरू करने के लिए अभिलेख मांगे हैं।

यह था मामला : दिल्ली निवासी गत्ता कारोबारी मोहम्मद जाबिर ने अमरोहा जनपद के डिडौली कोतवाली क्षेत्र में हाईवे पर गांव अमहेड़ा में गाटा संख्या 730 की जमीन मुरादाबाद के बारादरी निवासी सैफ आलम से वर्ष 2018 में खरीदी थी। बैनामा कराने के बाद उन्होंने दाखिल खारिज कराने के लिए अमरोहा तहसील में आवेदन किया था। परंतु सैफ आलम के भाई सऊद आलम व बहन शाजिया निवासी कविनगर गाजियाबाद ने उक्त जमीन को अपना बताकर आपत्ति लगा दी थी।

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लिहाजा मामले की सुनवाई तत्कालीन एसडीएम विवेक यादव कर रहे थे। आरोप है कि विवेक यादव ने मृतक जाबिर से पांच लाख रुपये लिए थे। उसके बाद भी दाखिल खारिज नहीं कराया था। आए दिन उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। इस प्रकरण के दौरान ही जाबिर ने तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।

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