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विदेशों की नौ कंपनियों ने जेवर में अपना काम शुरू करने की जताई ख्वाहिश

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स्टेट डेस्क/ बीपी प्रतिनिधि: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नींव रखी जा चुकी है। एयरपोर्ट बनाने का कार्य चल रहा है। एविएशन क्लस्टर बनाने की तैयारी चल रही है। यूपी विधानसभा 2022 के चुनाव होने के बाद जमीन आवंटन का काम शुरू हो सकता है। यहां हवाई जहाज मरम्मत और उनके पुर्जे बनाने का काम किया जाएगा। अमेरिका की तीन कंपनियों समेत विदेशों की 9 कंपनियों ने अपना काम जेवर में शुरू करने की ख्वाहिश जताई है। 500 एकड़ में मेंटेनेंस रिपेयरिंग एंड ओवरहालिंग हब बनेगा।

यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे जेवर में बनने वाला एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा लेकिन इसके साथ ही यहां देश का सबसे बड़ा हवाई जहाजों की मरम्मत करने का वर्कशॉप एमआरओ (मेंटेनेंस रिपेयरिंग एंड ओवरहालिंग) हब भी बन रहा है। इसी बीच जेवर एयरपोर्ट पर 2 नहीं 5 रनवे बनाए जाने का प्रस्ताव पास हुआ है।

गौरतलब रहे अभी तक हवाई जहाजों के इंजन की मरम्मत का काम ज़्यादातर खासतौर से सिंगापुर, श्रीलंका और दूसरे यूरोपीय देशों में कराया जाता है। लेकिन अब सरकार के इस कदम से एयर एवियशन कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी और आर्थिक बचत भी होगी। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेक्टर-10 में 500 एकड़ में हवाई जहाज के कल-पुर्जें बनाने वाली कंपनियों को जमीन का आवंटन किया जाएगा। 500 एकड़ जमीन पर एमआरओ बनेगा खबरों के अनुसार इसकी लागत करीब 8 हजार करोड़ रुपये आएगी। एमआरओ के तहत हवाई जहाज की मरम्मत और पुर्जे बनाने के लिए भारत आने में विदेशों की 9 कंपनियों ने ख्वाहिश जाहिर की है।

जिसमे जीई डिजिटल, हनीवेल, एलथ्रीहैरिस, लॉजिस्टिक प्लस, रेथियोन, स्मिथ्स डिटेक्शन, व्यूसी आईप्राइम और वाल्टर पी मोर जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह कंपनियां भारत आकर अपना प्रेजेंटेशन दे चुकी हैं। बता दे कंपनियों को जमीन देने का काम यूपी चुनावों के बाद किया जाएगा।

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