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बेटियों को नहीं, बेटों को समझाने की जरूरत

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बबिता फोगाट ने भरा बेटियों में दम

बोलीं चैंपियन डरे नहीं मुकाबला करें

मुरादाबादः जिस दिन महिला- महिला के साथ देने लग जाएगी। उस दिन बेटियां खुद को मजबूत महसूस करेंगी। आज बेटियों को नहीं बेटों को समझाने की जरूरत है कि बेटा घर से निकलो तो किसी की बहू बेटी की इज्जत मत उछालना। जिस दिन बेटों को समझा पाए, उस दिन बेटियां रात भी घर से निकलने में नहीं डरेंगी। बेटियों को पैदा ही नहीं करना है उन्हें पढ़ाना है और खिलाना है।

खिलाने से आशय स्वस्थ रहने के लिए भोजन और खेल बेटियों के लिए भी जरूरी है। यह बात राष्ट्रकुल खेलों की कुश्ती चैंपियन बबिता फोगाट ने अपने मुरादाबाद प्रवास के दौरान कहीं। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सेफ चाइल्ड गर्ल्स की अध्यक्ष प्रिया अग्रवाल द्वारा आयोजित मिशन शक्ति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बबिता फोगाट उपस्थित थीं। बबिता फोगाट ने कहा कि इतनी खुशी मुझे अपने ऊपर फिल्माई गई फिल्म दंगल देखकर नहीं हुई, जितनी आज इस कार्यक्रम में बेटियों के उत्साह को देखकर हो रही है।

पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बबिता फोगाट आगे बोलीं कि फोगाट कुश्ती में विश्व चैंपियन यूं ही नहीं बनी। इसके पीछे उनके माता-पिता का हाथ है। मेरी माता कहती थी की बेटी बाहर अगर कोई कुछ तुमसे गलत बोले तो दो मार के आना बाकी हम देख लेंगे। यही विचार बेटियों को अपने मन में ही नहीं दिमाग में भी बिठाना हैं। इस मौके पर स्कूलों की होनहार बेटियों को सम्मानित किया गया।

जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जब बेटियां रात को 10 बजे भी अकेले घूमने निकलेंगी। उस दिन समाज भयमुक्त हो जाएगा और यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश सरकार कर रही है। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बेटियों ने ऐसा संदेश दिया कि लड़का और लड़की में कोई भेदभाव ना रहे। इस मौके पर महापौर विनोद अग्रवाल, मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह, एसएसपी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुपमा शांडिल्य ने भी विचार रखे।

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